भंडारा: 650 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 58% ही फसल ऋण वितरित,फसल ऋण वितरण में देरी से बढ़ी चिंता
Farmers Financial Problems: भंडारा में खरीफ सीजन से पहले फसल ऋण वितरण धीमा होने से किसान परेशान हैं। 650 करोड़ के लक्ष्य में से सिर्फ 58% कर्ज बंटा है, जिससे किसान साहूकारों के आश्रित हैं।
- Written By: केतकी मोडक
किसान प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Bhandara Crop Loan Delay: भंडारा जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले फसल ऋण वितरण की धीमी रफ्तार किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। समय पर ऋण नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। खेती की तैयारियों के लिए पूंजी की आवश्यकता होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को अब तक फसल ऋण नहीं मिल पाया है, जिसके कारण उन्हें निजी साहूकारों की ओर रुख करने की आशंका बढ़ गई है।
लक्ष्य के मुकाबले ऋण वितरण पीछे
जिले में कुल 2 लाख 38 हजार 794 खाताधारक किसान हैं, जिनके लिए 650 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि अब तक केवल 58 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो पाया है और 62 हजार 937 किसानों को 434 करोड़ 43 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। कर्जमाफी प्रक्रिया, आधार लिंकिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याएं और पुराने बकाया खातों के कारण किसानों को नया फसल ऋण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में जब बुआई का मौसम शुरू होने वाला है, किसानों के सामने पूंजी की भारी कमी खड़ी हो गई है।
राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक पिछड़े
चालू खरीफ सीजन के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को 460 करोड़ रुपये, सरकारी बैंकों को 136 करोड़ रुपये, वाणिज्यिक बैंकों को 160 करोड़ रुपये तथा महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक को 30 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था। इसके बावजूद कई बैंक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण नहीं कर पाए हैं।विशेष रूप से राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है। वाणिज्यिक बैंकों ने कुल लक्ष्य का केवल 33 प्रतिशत और निजी बैंकों ने मात्र 12 प्रतिशत ऋण वितरण किया है।
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धान भुगतान और बोनस भी लंबित
किसानों की समस्या केवल फसल ऋण तक सीमित नहीं है। पिछले सीजन में सरकार को बेचे गए धान का भुगतान भी अभी तक नहीं मिला है। रबी सीजन में खरीदे गए धान की 511 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पिछले एक महीने से लंबित है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा घोषित धान उत्पादक किसानों का बोनस भी अभी तक खातों में जमा नहीं हुआ है। इससे खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
सिबिल स्कोर की शर्त बनी बाधा
बैंकों की ओर से सिबिल स्कोर की अनिवार्यता और अन्य कठोर शर्तों के कारण भी किसानों को ऋण प्राप्त कर में दिक्कतें आ रही हैं। जून माह शुरू होने के साथ ही बारिश की आहट सुनाई देने लगी है, लेकिन किसानों के पास खेती के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध नहीं है। बैंक ऋण के लिए बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद सफलता नहीं मिलने से कई किसान ऊंची ब्याज दरों पर निजी साहूकारों से कर्ज लेने को मजबूर हो सकते हैं।
भंडारा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने ऋण वितरण में तेजी दिखाई है। बैंक ने 10 जून तक 65 हजार 186 किसानों को 411 करोड़ 13 लाख 51 हजार रुपये का फसल ऋण वितरित किया है। इसके माध्यम से 65 हजार 214 हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
फसल ऋण वितरण की स्थिति
| बैंक | लाभार्थी | वितरित ऋण (लाख रु. में) |
| वाणिज्यिक बैंक | 4,554 | 4,947 |
| निजी बैंक | 288 | 648 |
| महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक | 1,683 | 1,533 |
| जिला सहकारी बैंक | 56,412 | 36,315 |
| कुल | 62,937 | 43,443 |
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किसानों को समय पर मदद
भंडारा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक अध्यक्ष सुनील ने कहा है कि “जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की ओर से किए जा रहे फसल ऋण वितरण से किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे खेती की तैयारियां बिना किसी बाधा के कर सकेंगे। इससे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”
खरीफ सीजन को गति मिलेगी
भंडारा जिला उपनिबंधक शुद्धोधन कांबले जिला ने कहा है कि “केंद्रीय सहकारी बैंक ने निर्धारित लक्ष्य का 99 प्रतिशत से अधिक ऋण वितरण कर उल्लेखनीय कार्य किया है। समय पर ऋण मिलने से किसानों के हाथों में पूंजी पहुंचेगी और बुआई सहित अन्य कृषि कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो सकेंगे, जिससे खरीफ सीजन को गति मिलेगी।”
