Bhandara News: बच्ची से अत्याचार के प्रयास पर भड़के नाना पटोले, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

Nana Patole Statement: भंडारा के आंबेडकर वार्ड में साढ़े तीन वर्षीय बच्ची से कथित अत्याचार के प्रयास की घटना पर विधायक नाना पटोले ने आरोपी को जल्द सजा देने की मांग की है।
bhandara child crime nana patole fast track hearing
विधायक नाना पटोले(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Bhandara Child Abuse Case: भंडारा शहर के आंबेडकर वार्ड क्षेत्र में साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के साथ हुए कथित अत्याचार के प्रयास की घटना से समाज स्तब्ध है। इस घटना का निषेध करते हुए विधायक नाना पटोले ने आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग की है। सोमवार को विश्राम भवन में आयोजित पत्रवार्ता परिषद में उन्होंने कहा कि पुणे में नाबालिग बच्ची के साथ अत्याचार के मामले में आरोपी को 55 दिनों में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसी तर्ज पर भंडारा के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक न्यायालय में कराकर आरोपी को शीघ्र फांसी की सजा दी जाए।

विधायक पटोले ने कहा कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। छोटे-बड़े शहरों में आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 45 हजार महिलाएं लापता हैं और जिन्हे पुलिस नहीं तलाश पायी। पटोले ने जिले के पालकमंत्री डॉ। पंकज भोयर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिले के पालकमंत्री ही राज्य के गृह राज्यमंत्री हैं। इसके बावजूद उनके ही जिले में लगातार एक के बाद एक अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं।

bhandara child crime nana patole fast track hearing
नवभारत संपादकीय: गड़चिरोली आश्रमशाला में लापरवाही का आरोप, जमीन पर सो रहीं 6 छात्राओं को सांप ने डसा

फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

इससे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले की भूमि महाराष्ट्र में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, यह गंभीर चिंता का विषय है। कानून में आरोपियों को कड़ी सजा देने का प्रावधान है। पुणे में नाबालिग बच्ची से अत्याच्यार के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई। उसी तरह भंडारा की घटना का मामला भी फास्ट ट्रैक न्यायालय में चलाकर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाया जाना चाहिए।

सरकार कंगाल हो गई है क्या ? : पटोले

पत्रवार्ता परिषद में विधायक नाना पटोले ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन धान उत्पादकों का भुगतान सरकार नहीं कर सकी है। वहीं मक्का उत्पादकों के भी पैसे बकाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार कंगाल हो गई है? क्या सरकार के पास किसानों को भुगतान करने के लिए पैसे नहीं है? पटोले ने जिले में खाद और बीज की कथित कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि 266 रुपये में मिलने वाली यूरिया की बोरी 500 रुपये में बेची जा रही है। उन्होंने वेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो आत दिनों के बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com