BJP के 2 पूर्व पार्षद शिवसेना में शामिल, भंडारा में चुनाव से पहले राजनीति हलचल तेज
Bhandara News: भंडारा में नगर परिषद चुनावों से पहले भाजपा के दो पूर्व पार्षद समेत कई नेता शिवसेना में शामिल, शहर की राजनीति में हलचल, चुनावी समीकरण बदलने की संभावना।
- Written By: आकाश मसने
शिवसेना में शामिल हुए भाजपा नेता (फोटो नवभारत)
Bhandara Politics: नगर परिषद चुनावों से पहले भंडारा शहर की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिली है। भाजपा के दो पूर्व पार्षद सहित कई नेता शिवसेना में शामिल हो गए, जिससे शहर के राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गई है।
इसमें शामिल पूर्व सभापति मनोज बोरकर और कैलाश तांडेकर के अलावा भाजपा के कई अन्य पदाधिकारी भी शिवसेना में शामिल हुए। इनमें देवदास भारद्वाज, मोरेश्वर मते, नीलकंठ मंदूरकर, विजय उके, अमोल कुलसुंगे, मनोज बर्वे और चेतन साठवणे का नाम शामिल है।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद चुनावों के आरक्षण घोषित होने के बाद से शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा के नेताओं ने शनिवार को जिला अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने हाल ही में भाजपा में शामिल दो नए नेताओं के प्रवेश पर असंतोष जताया और पार्टी की सदस्यता और पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
सम्बंधित ख़बरें
मोहाडी में बर्तन का पानी फेंकने पर खूनी संघर्ष, दो परिवारों में चले लाठी-डंडे, दोनों पक्षों के कई लोग घायल
सानगडी-विहीरगांव मार्ग की बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान, ग्रामीण बोले- अब आंदोलन होगा, मरम्मत की मांग तेज
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, 100 महिलाओं को 200 उन्नत नस्ल की बकरियों का वितरण
मालुटोला गोहत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, विधायक नाना पटोले को नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
विधायक भोंडेकर से की थी मुलाकात
सुनियोजित तरीके से इस्तीफा देने के बाद रविवार शाम सभी नेताओं ने शिवसेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भंडारा शहर में चल रहे विकास कार्यों पर भरोसा जताते हुए शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा के इन नेताओं का शिवसेना में प्रवेश केवल एक संकेत है। आने वाले दिनों में अन्य नेता भी पार्टी छोड़कर शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। नगर परिषद चुनावों के दृष्टिगत यह कदम स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र बोर्ड एग्जाम 2026 की तारीखों का ऐलान, जानें कब से शुरू होगी 10वीं-12वीं परीक्षा
भंडारा शहर में इस घटना के बाद चर्चा है कि शिवसेना का कद बढ़ेगा और चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होगा। भाजपा के लिए यह एक चेतावनी भी है कि उसे संगठन स्तर पर मजबूत होना होगा और अपने नेताओं की भावनाओं का ध्यान रखना होगा।
भंडारा नगर परिषद के आगामी चुनावों में यह बदलाव उम्मीदवारों के चयन और पार्टी रणनीति दोनों पर प्रभाव डालेगा। शिवसेना के लिए यह अवसर है कि वह अपनी पकड़ मजबूत करे और चुनावी जीत के लिए पूरी तैयारी करे।
