

Bharatiya Mazdoor Sangh Protest: भारतीय मजदूर संघ की ओर से सोमवार को देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया गया। इसी कड़ी में भंडारा के त्रिमृति चौक में भी भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने धरना देकर संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, कर्मचारियों तथा विभिन्न वर्गों की लंबे समय से लंबित मांगों को सरकार के समक्ष रखा।
भारतीय मजदूर संघ ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पुनः लागू करने, न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने तथा इसके साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (डीए) देने और पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, संगठन ने ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने, सभी कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन लागू करने तथा ठेका कर्मियों को भी इसका लाभ देने, बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में उचित वृद्धि तथा सभी स्कीम वर्कर्स के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, लेबर कोड में मजदूर विरोधी प्रावधानों में आवश्यक संशोधन करने तथा ईपीएफ, ईएसआईसी एवं बोनस के कवरेज की अधिकतम सीमा बढ़ाने, रांची तथा आठ राज्यों में स्थित 23 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के मजदूरों एवं कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों, कर्मचारियों एवं कामगार वर्ग के अधिकारों और हितों के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है। यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन ने भविष्य में और व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। इस आंदोलन में भारतीय मजदर संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र लिल्लारे, जिला महामंत्री पन्नालाल उपवंशी, बीपीएमएस के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजेश बिसेन, जिला उपाध्यक्ष एन.सी. सेंडे, सुरक्षा रक्षक अध्यक्ष संतोष वासनिक, शमिता खोबरागड़े, मीनाक्षी बारस्कर, दिव्या भैसारे, पुष्पा मके, रोशन वल्थरे, संतोष सोनवाने, सचिन कोरे, मेघराज भोयर, किशोर बंजारी, सुनील हटवार सहित विभिन्न औद्योगिक एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।