Bhandara District: साकोली तहसील में वन्यप्राणियों के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नरभक्षी बाघिन के आतंक के बाद अब तेंदुए ने भी मानव बस्तियों की ओर रुख कर लिया है।
बांपेवाड़ा, उमरझरी और आमगांव क्षेत्र में बाघिन का खौफ पहले से बना हुआ था, वहीं अब विर्शी परिसर में तेंदुए द्वारा एक मासूम बच्ची को शिकार बनाए जाने से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल गहरा गया है। एक ओर टी27 बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की बड़ी टीम तैनात है, वहीं दूसरी ओर तेंदुए के हमले ने विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
विर्शी के जिस ईंट भट्ठा क्षेत्र में यह घटना हुई, वहां इन दिनों बड़े पैमाने पर मक्के की खेती की गई है। ऊंचे और घने मक्के के खेत वन्यप्राणियों के लिए सुरक्षित छिपने का स्थान बन गए हैं। वन विभाग के प्राथमिक निरीक्षण के अनुसार, हमला करने वाली एक मादा तेंदुआ है, जिसके साथ उसके दो शावक भी हैं।
शावकों की सुरक्षा के कारण उसके अधिक आक्रामक होने की आशंका जताई जा रही है। तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए वन विभाग ने युद्धस्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। विर्शी क्षेत्र में 6 बड़े पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग की गश्ती टीम दिनरात इलाके में निगरानी कर रही है। नागरिकों को सतर्क रहने की अपील।
एक तरफ 170 कर्मचारियों की टीम और 90 कैमरों की मदद से बाघिन की तलाश जारी है, वहीं तेंदुए के नए खतरे ने ग्रामीणों में दहशत और बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब तक तेंदुए को पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित कर पाता है।