भंडारा विभाग में हुए एसटी के 75 हादसे, 13.45 लाख का नुकसान, विभाग के पास कुल 397 बसों का बेड़ा
महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के भंडारा विभाग में 75 हादसे हुए हैं, जिससे 13.45 लाख का नुकसान हुआ है। प्रशासनिक योजना की आवश्यकता।
Bhandara District: सुरक्षित यात्रा के लिए पहचानी जाने वाली महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल एसटी की बसों को वर्ष 202526 में भंडारा विभाग में कुल 75 हादसों का सामना करना पड़ा है। इन हादसों के कारण महामंडल को 13 लाख 45 हजार 200 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
भंडारा विभाग में भंडारा, तुमसर, साकोली, पवनी, तिरोड़ा और गोंदिया समेत छह डिपो शामिल हैं। विभाग के पास वर्तमान में कुल 397 बसों का बेड़ा है। इसमें 248 साधारण बसें, 35 मानव विकास बसें, 13 हिरकणी, 7 शिवशाही, 5 मिडी बसें और 16 ईबसें शामिल हैं।
बसों की संख्या और आधुनिक सुविधाएं बढ़ने के बावजूद दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। हादसों की स्थिति और नुकसान। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच हुए 75 हादसों में 5 हादसे बेहद गंभीर, 17 गंभीर और 53 मामूली हादसे दर्ज किए गए।
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इन दुर्घटनाओं में न केवल जानमाल की हानि हुई, बल्कि संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। एसटी बसों को 13 लाख 45 हजार 200 रुपये का नुकसान हुआ, जबकि अन्य वाहनों को 4 लाख 67 हजार 500 रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। इसके अलावा, मौके पर तत्काल सहायता के लिए 27 हजार रुपये खर्च किए गए।
सितंबर में सबसे ज्यादा नुकसान। महीनेवार आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में सबसे अधिक 3 लाख 36 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद अक्टूबर में 1 लाख 47 हजार रुपये और अगस्त में 1 लाख 31 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
मई और फरवरी में नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन सालभर के आंकड़े कुल मिलाकर चिंता बढ़ाने वाले हैं। प्रशासनिक योजना की जरूरत। विभाग में संचालित 397 वाहनों के रखरखाव के साथ-साथ चालकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कई बार तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटियों के कारण ये दुर्घटनाएं होती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली मानव विकास और साधारण बसों की सुरक्षा को लेकर यात्रियों द्वारा समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पृष्ठभूमि में आने वाले समय में दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए परिवहन विभाग कौन से ठोस कदम उठाएगा, इस पर सभी यात्रियों की नजरें टिकी हुई हैं।
