CJP Protest: अभिजीत दीपके की जान को खतरा, बहन ने राष्ट्रपति से की अपील, संकट में विरोध प्रदर्शन!
Abhijeet Dipke NEET Protest: दिल्ली में 34 दिनों से जारी CJP आंदोलन के बीच अभिजीत दीपके की जान को खतरा। बहन स्नेहा ने राष्ट्रपति से सुरक्षा मांगी।
- Written By: अनिल सिंह
अभिजीत दीपके की बहन स्नेहा ने राष्ट्रपति से की भाई के सुरक्षा की मांग (फोटो क्रेडिट-X)
Abhijeet Dipke Sister Sneha Demand Security: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक मामले और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले शुरू हुआ आंदोलन अब देश के 150 से अधिक शहरों में फैल चुका है। 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनवरत चल रहे इस आंदोलन को 34 दिन से अधिक का समय हो चुका है।
इस बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर उनके परिवार ने अत्यंत गंभीर चिंता जताई है। अभिजीत की बहन स्नेहा वंजारे ने दिल्ली में उनकी जान को खतरा बताते हुए बीड जिला कलेक्टर के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
टाइफाइड से बिगड़ी तबीयत, डेढ़ महीने से परिवार से नहीं हुआ संपर्क
अभिजीत दीपके के परिजनों का कहना है कि CJP आंदोलन शुरू होने के बाद से ही अभिजीत का छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है। वे लगातार दिल्ली में ही डटे हुए हैं और फोन पर भी बात संभव नहीं हो पा रही है।
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हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी सामने आई कि अत्यधिक भागदौड़ और मानसिक-शारीरिक तनाव के कारण अभिजीत को टाइफाइड हो गया है और उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया है। इसके बावजूद वे आंदोलन स्थल छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में अभिजीत की बहन स्नेहा वंजारे ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्र-छात्राओं पर अमानवीय लाठीचार्ज किया गया। पुलिस की कार्रवाई में एक छात्रा की जान भी चली गई। ऐसे में हमें दिल्ली पुलिस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।”
स्नेहा ने आशंका व्यक्त की है कि दिल्ली में अभिजीत की जान को गंभीर खतरा है और उनके साथ कोई भी अनहोनी घट सकती है। उन्होंने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि अभिजीत दीपके और उनके साथी आंदोलनकारियों को तुरंत महाराष्ट्र पुलिस का सुरक्षा घेरा प्रदान किया जाए।
देश के 150 शहरों में फैला जनाक्रोश, युवाओं का प्रदर्शन तेज
अभिजीत दीपके द्वारा 6 जून से शुरू किया गया यह आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित न रहकर पूरे देश में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 150 शहरों में युवा छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे जनाक्रोश और पुलिसिया कार्रवाई के बीच यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक संकट का रूप लेता नजर आ रहा है।
