अभिजीत दीपके को हुआ टाइफाइड; CJP प्रवक्ता सौरव दास का बड़ा खुलासा, भगदड़ और हिंसा भड़काने की हो रही साजिश!

CJP Abhijeet Dipke Health: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई है। इस बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बड़ा खुलासा करते हुए जंतर-मंतर पर हिंसक झड़प होने की संभावना जताई।
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अभिजीत दीपके को हुआ टायफाइड (सौजन्य-IANS)
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CJP Abhijeet Dipke Typhoid: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक की तबीयत बिगड़ गई है। आज सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका सरकार से अहम बातचीत करने वाले है। इस बीच अभिजीत दीपके की तबियत की खराब होने की खबर सामने आई है। अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी कर जानकारी दी है कि उन्हें टायफाइ़ड हुआ है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि प्रदर्शन फिर भी जारी रहेगा।

इस बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने किसी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई है। सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि आशंका है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं और सख्त कार्रवाई हो सकती है। लेकिन सिर्फ पुलिस पर निर्भर रहने के बजाय, अधिकारी किराए के लोगों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो प्रदर्शनकारी बनकर जंतर-मंतर और आस-पास की प्रदर्शन वाली जगहों पर हिंसा भड़का सकते हैं, जिससे झड़प, भगदड़ या दूसरी घटनाएं हो सकती हैं।

CJP प्रदर्शन के खिलाफ चलाया जा रहा ऑनलाइन अभियान

सौरव दास ने बताया कि ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सुरक्षा कार्रवाई और गिरफ्तारियों को सही ठहराने के लिए किया जा सकता है। साथ ही, सरकार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की बात कर रही है, लेकिन उसी समय आंदोलन को खत्म करने के उपाय भी कर रही है, जैसे सुरक्षा बढ़ाना, कानूनी पाबंदियां लागू करना और प्रदर्शन को अलग-थलग करने की कोशिश करना।

https://twitter.com/SauravDassss/status/2080723836165845474

सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि एक संगठित ऑनलाइन अभियान भी चल रहा है जो लोगों का ध्यान प्रदर्शन की मांगों से हटाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए लोगों में फूट डालने वाली बातें फैलाई जा रही हैं, प्रदर्शन के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और कानूनी व करियर से जुड़े नतीजों का डर दिखाकर छात्रों को इसमें शामिल होने से रोका जा रहा है।

प्रदर्शन को हिंसक बनाने की रणनीति

कुल मिलाकर रणनीति यह है कि आंदोलन को कमजोर किया जाए, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अन्य मांगों पर ध्यान न दिया जाए और आखिर में प्रदर्शन को हिंसक बताकर सख्त कार्रवाई को सही ठहराया जाए। हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस इस पर तुरंत ध्यान देगी, सुरक्षा बढ़ाएगी और यह पक्का करेगी कि कोई उपद्रवी तत्व गड़बड़ी न फैलाए। कोई भी गलत कदम खतरनाक साबित हो सकता है।

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