महाराष्ट्र के बीड में बेमौसम बारिश का कहर: कटी हुई फसलें बर्बाद, किसानों के आंसू देख धनंजय मुंडे ने लिया एक्शन
Beed Unseasonal Rain: बीड जिले में भारी बारिश और आंधी ने गेहूं, ज्वार और आम के बागों को भारी नुकसान पहुंचाया है। विधायक धनंजय मुंडे ने प्रशासन को तत्काल पंचनामा करने के आदेश दिए हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Crop Damage in Beed: महाराष्ट्र के बीड जिले में कुदरत की दोहरी मार देखने को मिली है। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और भीषण आंधी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सोमवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने परली और अंबाजोगाई तहसीलों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई, जिससे खड़ी और कटी हुई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
फसलों और बागों को भारी नुकसान
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर बाद आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। इस बेमौसम बरसात ने उन किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिनकी फसलें कटाई के लिए बिल्कुल तैयार थीं।
विशेष रूप से ज्वार, गेहूं और चना की फसलों को व्यापक क्षति हुई है। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगहों पर फसलें जमीन पर बिछ गईं। सिर्फ अनाज ही नहीं, बल्कि फलों के राजा आम और तरबूज के बागों को भी इस बेमौसम मार ने नहीं बख्शा। बागवानों का कहना है कि साल भर की मेहनत मिनटों में धूल में मिल गई।
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धनंजय मुंडे का प्रशासन को कड़ा निर्देश
क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए परली के विधायक धनंजय मुंडे तुरंत एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने बीड के जिलाधिकारी विवेक जॉनसन से फोन पर बात की और उन्हें जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का आकलन करने के लिए तत्काल ‘पंचनामा’ शुरू करने के निर्देश दिए।
धनंजय मुंडे ने कहा कि किसान पहले ही कई संकटों से जूझ रहा है, ऐसे में कटाई के समय हुई इस बारिश ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है। मैंने प्रशासन को आदेश दिया है कि वे जल्द से जल्द नुकसान की रिपोर्ट सरकार को सौंपें ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
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प्रभावित क्षेत्र और राहत की मांग
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, परली और अंबाजोगाई तहसील के दर्जनों गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। स्थानीय किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि बीमा कंपनियां और राजस्व विभाग बिना देरी किए सर्वे का काम पूरा करें। वर्तमान में, जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं ताकि आर्थिक नुकसान का सटीक आंकड़ा लगाया जा सके।
