

बीड में रिश्वत मांगने के आरोप में शिक्षा अधिकारी और शिक्षक गिरफ्तार।
स्कूल जांच रिपोर्ट को अनुकूल बनाने के लिए 40,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी ने कैज तहसील में 20,000 रुपये की पहली किस्त लेते हुए सहायक शिक्षक को रंगे हाथों दबोचा।
Beed Education Officer Arrested: महाराष्ट्र के बीड जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में 'अनुकूल रिपोर्ट' देने के एवज में कथित तौर पर 40,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एक शिक्षा अधिकारी और एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैज तहसील के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के 57 वर्षीय प्रधानाध्यापक को बीते अगस्त महीने में शालार्थ वेतन भुगतान प्रणाली के जरिए ऑनलाइन बिलिंग में कथित अनियमितताओं को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से एक आधिकारिक नोटिस मिला था। इन सभी प्रशासनिक आरोपों की जांच करने के लिए एक शिक्षा विस्तार अधिकारी को नियुक्त किया गया था।
जब प्रधानाध्यापक इस मामले के सिलसिले में 9 अक्टूबर को शिक्षा विस्तार अधिकारी के पास पहुंचे, तो अधिकारी ने कथित तौर पर जांच रिपोर्ट को उनके पक्ष में यानी अनुकूल बनाने के लिए 40,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। प्रधानाध्यापक रिश्वत देने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं थे, इसलिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बुधवार को एसीबी की जालना इकाई से संपर्क किया और इस बात की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद जालना एसीबी ने अपनी रणनीति बनाई और कैज खंड शिक्षा कार्यालय के परिसर में जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, जिला परिषद के एक स्कूल में कार्यरत 50 वर्षीय सहायक शिक्षक को शिक्षा विस्तार अधिकारी के स्पष्ट निर्देशों पर प्रधानाध्यापक से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20,000 रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि इस सफल ट्रैप के बाद दोनों आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस अवैध उगाही के रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।