

विरार से नागदा और अहमदाबाद तक 738 किमी पर 'कवच' प्रणाली चालू।
पश्चिम रेलवे ने 5,228 रूट किलोमीटर को स्वचालित ब्रेक सिस्टम से जोड़ेगी।
अगर लोको पायलट गलती करता है, तो सिग्नल ओवरशूट होने से पहले ट्रेन में खुद-ब-खुद ब्रेक लग जाएंगे।
Western Railway Kavach System Virar To Nagda: पश्चिम रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने और ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए स्वदेशी स्वचालित ट्रेन संरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के विस्तार में तेजी लाई है। पश्चिम रेलवे के नेटवर्क पर अब तक 738 रूट किलोमीटर (RKM) में कवच प्रणाली कमीशन की जा चुकी है।
भविष्य की योजनाओं और जारी परियोजनाओं के तहत कुल 5,228 रूट किलोमीटर रेल मार्ग को इस प्रणाली के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। पश्चिम रेलवे का कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क 5,610 रूट किलोमीटर का है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, कवच प्रणाली निर्धारित गति सीमा की निगरानी करती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके चरणबद्ध विस्तार से मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद और रतलाम मंडलों के महत्वपूर्ण यात्री एवं मालगाड़ी कॉरिडोर में संरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली 738 रूट किलोमीटर में कमीशन की जा चुकी है। इसमें विरार-सूरत खंड के 206 किलोमीटर, सूरत-वडोदरा के 130 किलोमीटर, वडोदरा-गोदरा के 72 किलोमीटर, वडोदरा-अहमदाबाद के 100 किलोमीटर और गोदरा-नागदा के 230 किलोमीटर शामिल हैं।
पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कवच प्रणाली के दायरे में लगभग 610 रूट किलोमीटर और जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें साणंद-अहमदाबाद-कलोल, मुंबई सेंट्रल-विरार, नीमच-चंदेरिया, साणंद-विरमगाम, कलोल-कामली, पालनपुर-दियोदर और ओखा-कानालुस जैसे प्रमुख खंड शामिल हैं।
मंगल महूड़ी-पंच पिपलिया खंड के 72 रूट किलोमीटर में प्रणाली पहले ही कमीशन की जा चुकी है। अन्य खंडों में स्थापना, परीक्षण और लोकोमोटिव परीक्षण की तैयारियां जारी हैं। इनके लिए जनवरी 2027 का खंडवार पूर्णता लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान मानक कवच को विरामगाम-राजकोट-ओखा के 434 किलोमीटर, नागदा-उज्जैन-भोपाल के 230 किलोमीटर और विरमगाम-सामाख्याली के 182 किलोमीटर वाले कॉरिडोर में कमीशन किया गया है।
इसके अलावा, 1,623 रूट किलोमीटर के लिए निविदाएं जारी की गई हैं या काम प्रगति पर है। वहीं, 2,867 रूट किलोमीटर को कवर करने वाली परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें उधना-जलगांव, राजकोट मंडल की शाखा लाइनें तथा भावनगर, वडोदरा, अहमदाबाद और रतलाम मंडलों के चयनित मार्ग शामिल हैं।