Beed News: गोपीनाथ मुंडे की फैक्ट्री विवादों में, संगठन ने दी समाधि पर भूख हड़ताल की चेतावनी
Cabinet Minister Pankaja Munde ने अपनी बीड जिले की वैघनाथ सहकारी शुगर फैक्ट्री के बिक जाने की बात उजागर की है। जिसके बाद क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के रविकांत तुपकर ने इस पर अपनी नाराजगी जतायी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पंकजा मुंडे (सौ. सोशल मीडिया )
Beed News In Hindi: बीड जिले के परली तालुका में स्थित कैबिनेट मंत्री पंकजा मुंडे की वैद्यनाथ सहकारी शुगर फैक्ट्री के बिक जाने का खुलासा किया गया है। क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के रविकांत तुपकर ने यह दावा करते हुए कहा कि फैक्ट्री को बेचने से पहले किसी भी सदस्य या किसान को विश्वास में नहीं लिया गया है।
उनके मुताबिक यह फैक्ट्री ओमकार समूह को मात्र 132 करोड़ रुपये में बेचा गया है। इसका पंजीकरण 14 अगस्त 2025 को अंबाजोगाई स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में हुआ है। क्रांतिकारी किसान संघ के कार्यकर्ता कुलदीप कार्पे ने सवाल उठाया है कि परली तालुका स्थित फैक्टरी को अंबाजोगाई में कैसे बेचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यह कारखाना कौथली टांडा में उनके परिवार की जमीन पर स्थित है और ऐसी जमीन की बिक्री पर क़ानूनी पाबंदियां हैं। कागजात से इस बात का भी खुलासा हुआ है कि रजिस्ट्री के पेपर पर पंकजा मुंडे और निदेशक मंडल के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन उनकी बहन यशश्री मुंडे के हस्ताक्षर नहीं हैं।
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बड़ा सवाल यह है कि क्या यशश्री मुंडे को इस लेन-देन की जानकारी नहीं दी गई। संगठन का आरोप है कि यह फैक्ट्री कौड़ियों के दाम में बेच दी गई है। हालांकि इस डील की मुंडे परिवार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
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भूख हड़ताल का अल्टीमेटम
क्रांतिकारी किसान संघ ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो वे दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की समाधि पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे, शुगर फैक्ट्री की न स्थापना मुडे ने की थी। किसान संगठनों का आरोप है कि इस पूरी डील की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फैक्ट्री में कानूनी सलाहकार के रूप में काम करने वाले गीते ने कलेक्टर को आवेदन देकर फैक्ट्री की बिक्री पर स्टक की मांग की है।
