जिला परिषद चुनाव विवाद: दानवे पर 18 करोड़ के आरोप खारिज, सौदेबाजी के आरोपों पर सदस्यों में टकराव
Ambadas Danve Controversy: संभाजीनगर जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। जिप सदस्य कृष्णा पाटील डोणगांवकर ने अंबादास दानवे पर लगाए गए 18 करोड़ के आरोपों को निराधार बताया है।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar ZP Election Dispute ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar ZP Election Dispute: छत्रपति संभाजीनगर जिप के हालिया अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में पार्टी के सदस्य संजय निकम की ओर से विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे पर 18 करोड़ रुपए की सौदेबाजी को अन्य जिप सदस्य कृष्णा पाटील डोणगांवकर ने सिरे से नकार दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने निकम को मैनेज कर खुद का लाभ व पार्टी को क्षति पहुंचाई है। डोणगांवकर शनिवार को 6 अन्य जिप सदस्यों की मौजूदगी में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि निकम व अन्य जिप सदस्य ललिता सोनवणे भाजपा के जाल में फंसने के बाद वे अन्य सदस्यों को भी आर्थिक पद्धति से मैनेज करने की कोशिश कर रहे थे।
अपनी यह चाल पता न चल जाए इसलिए उन्होंने दानवे पर अनर्गल आरोप लगाए। डोणगांवकर ने कहा कि इन सदस्यों के बारे में उन्हें पहले से ही संदेह था।
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भाजपा व शिवसेना ने लगाई थी सेंध
बावजूद इसके हमने उन्हें अपने साथ रखा। वह हरकतों से बाज नहीं आया व अन्य सदस्य को भगाकर ले जाने में उसने धन्यता मानी। अपना पाप छिपाने के लिए निकम ने यह सब खेल रचने का आरोप भी डोणगांवकर ने लगाया।
डोणगांवकर ने कहा कि जिप चुनाव में उबाठा के 9 सदस्य चुनकर आए हैं व हमारी मदद के बगैर भाजपा व शिंदे सेना का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनना मुश्किल होने से हमने एकत्रित रहने का निर्णय लिया था।
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बावजूद इसके भाजपा व शिवसेना ने हमारे दो सदस्यों में सेंध लगाई व मौका साध लेने से सत्ता में आने का हमारा सपना टूट गया। निकम व सोनवणे भले ही उबाठा के साथ होने का दावा कर रहे हैं, मगर सभापतियों के चयन के दौरान उनका रुख पता चलेगा। हमारे एकसंघ रहने पर ही सभापति चुने जा सकेंगे।
