संभाजीनगर में पानी संकट: 2,740 करोड़ की नई जलापूर्ति योजना फिर ठप, बटरफ्लाई वाल्व बना बाधा
Sambhajinagar Water Pipeline: छत्रपति संभाजीनगर की 2,740 करोड़ रुपये की नई जलापूर्ति योजना तकनीकी खराबी के चलते ठप। बटरफ्लाई वाल्व की मरम्मत अधूरी मिलने पर पंपिंग शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई।
- Written By: रूपम सिंह
संभाजीनगर बटरफ्लाई वाल्व (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Scheme: छत्रपति संभाजीनगर शहर की पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली 2,740 करोड़ रुपये की नई जलापूर्ति योजना एक बार फिर तकनीकी अड़चन के कारण ठप पड़ गई है। नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धिकरण केंद्र में हुए रिसाव की मरम्मत पूरी होने का दावा ठेकेदार कंपनी ने किया, लेकिन मुख्य जलवाहिनी में लगे बटरफ्लाई वाल्व की मरम्मत अधूरी पाए जाने पर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने पंप दोबारा शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके चलते 24 जून से बंद पड़ी योजना के जल्द शुरू होने की उम्मीदों को झटका लगा है।
अब पूरे मामले में अंतिम निर्णय महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंगानायक लेंगे, जबकि महानगरपालिका प्रशासन भी उनके निर्णय का इंतजार कर रहा है। मानसून की शुरुआत के दौरान 24 जून को नक्षत्रवाड़ी स्थित नए पंप हाउस की स्लैब से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। इसे गंभीर तकनीकी समस्या मानते हुए एहतियात के तौर पर जायकवाड़ी बांध से पानी उठाने की पूरी प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई थी। इसके बाद ठेकेदार कंपनी ने पंप हाउस की मरम्मत कर रिसाव बंद करने का कार्य शुरू किया।
कंपनी का दावा है कि जलशुद्धीकरण केंद्र में रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और पंपिंग दोबारा शुरू करने के लिए सभी आवश्यक मरम्मत पूरी कर ली गई है। इसी आधार पर कंपनी ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को अनुमति के लिए पत्र भी भेजा। योजना से जुड़े नाथसागर क्षेत्र में चल रहे एप्रोच चैनल के निर्माण कार्य को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार जैकवेल में इस समय बड़ी मात्रा में पानी जमा है।
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यदि ऐसी स्थिति में निर्माण कार्य जारी रखा गया तो पानी का दबाव बढ़ने से मिट्टी का अस्थायी बांध टूटने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी जोखिम को देखते हुए पहले पंपिंग शुरू करने और उसके बाद ही एप्रोच चैनल का शेष कार्य पूरा करने का निर्णय लिया गया है। नई जलापूर्ति योजना से शहर को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की उम्मीद थी।
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अंतिम निर्णय सदस्य सचिव के पास लंबित
मरम्मत का दावा मिलने के बाद महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने तकनीकी निरीक्षण कराया, जांच में मुख्य जलवाहिनी के एयर वाल्व में लगे बटरफ्लाई वाल्व की मरम्मत अधूरी पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि इस वाल्व की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित हुए बिना पंप चालू करना जोखिम भरा होगा, इसी कारण जीवन प्राधिकरण ने ठेकेदार कंपनी को लिखित रूप से सूचित किया कि बटरफ्लाई वाल्व की मरम्मत पूरी होने तक पंपिंग शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंगानायक को लेना है। मंगलवार को निर्णय आने की संभावना थी, लेकिन अभी तक कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
