गर्मी में गहराया जल संकट: संभाजीनगर में साढ़े 4 लाख ग्रामीण टैंकरों के भरोसे, 82 गांवों में पानी के लिए संघर्ष

Sambhajinagar Water Crisis: भीषण गर्मी के बीच संभाजीनगर जिले में जलसंकट गहरा गया है। 4.84 लाख ग्रामीण पेयजल संकट झेल रहे हैं, जबकि 123 टैंकरों से पानी आपूर्ति की जा रही है।
Deepening Water Crisis Amidst Summer Heat: 4.5 Lakh Villagers in Sambhajinagar Rely on Tankers; 82 Villages Struggle for Water
पेयजल समस्या, टैंकर आपूर्ति,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sambhajinagar Drinking Water Crisis: मई महीने की भीषण गर्मी के कारण जिले में पानी का संकट गहराता जा रहा है। जिले के करीब 4 लाख 84 हजार 798 ग्रामीणों को पेवजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि 82 गांव व 19 बस्तियों के लोग टैंकरों के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। मराठवाड़ा क्षेत्र में जहां 156 टैंकरों के जरिए पानी आपूर्ति शुरू की गई है, वहीं छत्रपति संभाजीनगर जिले में फिलहाल 123 टैंकरों के माध्यम से साढ़े चार लाख से अधिक लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।

कुएं सूख चुके हैं, बोरवेल बेअसर हो गए हैं व जलस्रोत समाप्त होने की स्थिति में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए संघर्ष बढ़ता जा रहा है। प्रशासन भले ही हालात नियंत्रण में होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीन पर स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है।

123 टैंकरों से हो रही आपूर्ति, भीषण गर्मी में बड़ी मांग

जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार सबसे गंभीर स्थिति संभाजीनगर व गंगापुर तहसीलों में है। संभाजीनगर तहसील के 15 गांव व 13 बस्तियों के लिए 39 टैंकर लगाए गए हैं। वहीं, गंगापुर तहसील के 22 गांवों में 26 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।

इसके अलावा वैजापुर में 16 गांव व एक बस्ती के लिए 20 टैकर, पैठण में 16 टैंकर, सिल्लीड़ में 17 गांवों के लिए 16 टैंकर व फुलंब्री में 6 टैंकर शुरू किए गए है। वहीं कन्नड, खुलदाबाद व सोयगाव तहसीलों में जल प्रबंधन कार्यों के कारण फिलहाल किसी टैंकर की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

प्रशासन ने कुल 266 पानी खेषों को मंजूरी दी है, लेकिन वास्तव में केवल 238 खेप ही पूरी हो पा रही है। तकनीकी कारणों से 28 खेप कम पड़ रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

87 कुओं का अधिग्रहण

जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन ने अब निजी कुओं का अधिग्रहण शुरू किया है। जिले में अब तक 87 कुओं को प्रशासन के नियंत्रण में लिया गया है। इनमें 34 कुएं टैंकर आपूर्ति के लिए व 52 अन्य उपयोग के लिए अधिग्रहित किए गए हैं। विशेष रूप से वैजापुर व गंगापुर तहसीलों में सबसे अधिक कुओं का अधिग्रहण किया गया है। बावजूद इसके, हालात नियंत्रण से बाहर जाते दिखाई दे रहे हैं।

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