

Maharashtra Water Crisis Tanker Supply: मई महीने के पहले ही सप्ताह में महाराष्ट्र में पानी संकट गहराता नजर आ रहा है। राज्य के 411 गांवों और 1,194 बस्तियों सहित कुल 1,605 स्थानों पर लोगों की प्यास अब टैंकरों के भरोसे बुझाई जा रही है।
मई की शुरुआत में ही यह स्थिति बन गई है, ऐसे में जून में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पानी की उपलब्धता होने पर भी उसका सोच-समझकर और बचत के साथ उपयोग करें।
राज्य में भीषण गर्मी के कारण जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं और बांधों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। फिलहाल महाराष्ट्र के बांधों में पानी का भंडार घटकर करीब 38 फीसदी रह गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी की लहर चल रही है, जिससे जलसंकट और गहरा गया है।
पानी की कमी के चलते 12 जिलों के 411 गांवों और 1,194 बस्तियों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए 20 सरकारी और 446 निजी, कुल 466 टैंकर लगाए गए हैं। अप्रैल के चौथे सप्ताह तक यह संख्या 321 थी, जो मई के पहले सप्ताह में बढ़कर 466 हो गई है।
सबसे ज्यादा 138 टैंकर संभाजीनगर जिले में पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। इसके अलावा नाशिक में 83, ठाणे में 32, रायगड़ में 50, रत्नागिरी में 18, पालघर में 28, पुणे में 37 और सातारा में 41 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है।
इधर राज्य के करीब तीन हजार बांधों में जलसंग्रह तेजी से घटकर 37.37 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं बिजली उत्पादन के लिए अहम माने जाने वाले सातारा के कोयना बांध में पानी का स्तर 25.72 फीसदी दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते पानी का संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जलसंकट और गहरा सकता है।