UBT ने महावितरण ऑफिस पर बोला हल्ला, बिजली बिल का किया विरोध
उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने Chhatrapati Sambhaji Nagar में महावितरण के ऑफिस में हल्ला बोला मोर्चा किया है। ये आंदोलन बिजली बिल में हो रही गड़बड़ियों के विरोध में किया गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
स्मार्ट मीटर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: राज्य में बिजली उपभोक्ताओं पर अन्यायकारक अधिभार व बिजली बिलों में हो रही गड़बड़ियों के विरोध में उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने महावितरण कार्यालय पर सोमवार को हल्लाबोल मोर्चा निकाला। मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर चेताया कि यदि इन समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
जिला प्रमुख राजेंद्र राठौड़, किसान इकाई के जिला प्रमुख नानासाहब पलसकर, उप जिला प्रमुख कृष्णा पाटील डोणगांवकर, संताप खंडके, विजय वाघमारे, शहर प्रमुख हरिभाऊ हिवाले ने कहा कि, मासिक 96 यूनिट जैसे कम उपभोग पर भी ग्राहकों को करीब 854 रुपए बिल आ रहा है। इसमें शुद्ध ऊजर्जा शुल्क 400 रुपए है। बाकी राशि विभिन्न अधिभार व स्थिर शुल्क के रूप में वसूली जा रही है।
क्या आरोप लगाया?
आरोप लगाया कि आम नागरिकों के बजाए निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर योजना भी लागू की गई है। इससे उपभोक्ता गलत रीडिंग, बढ़े हुए बिल व सेवा में गड़बड़ियों से रूबरू बितर हो रहे हैं। उपभोक्ताओं पर ऊर्जा शुल्क, वहन शुल्क, प्रसारण शुल्क, व्हीलिंग शुल्क, ईंधन समायोजन अधिभार, स्थिर शुल्क व अन्य करों के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले अधिभार गलत तरीके से घरेलू ग्राहकों पर थोपे जा रहे हैं।
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कनेक्शन काटने की सूचना देने की मांग
घरेलू ग्राहकों के बिल में सभी अधिभारों का पारदर्शी व विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने, 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले घरेलू ग्राहकों को अधिभार व स्थिर शुल्क से राहत देने, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र जांच कर उचित विकल्प उपलब्ध कराने, औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ताओं का भार घरेलू उपभोक्ताओं पर न थोपने, MERC की सार्वजनिक सुनवाई में उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों को शामिल करने, किसानों को अधिभार से राहत देने, कनेक्शन काटने से पहले न्यूनतम 30 दिन की मोहलत देने, स्मार्ट मीटर BIS प्रमाणित होनी चाहिए। गलत बिल पर उपभोक्ताओं को तुरंत मुआवजा देने, गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए विशेष रियायती दरें लागू करने का आग्रह किया गया।
