

Sambhajinagar Business License Fee: छत्रपति संभाजीनगर मनपा क्षेत्र में व्यवसाय लाइसेंस शुल्क लागू करने की प्रक्रिया फिर से तेज होने पर शहर के व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। शुल्क वसूली के लिए मनपा प्रशासन की ओर से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजे जाने के बाद संगठन ने महापौर समीर राजूरकर से मुलाकात कर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
इस मौके पर लक्ष्मीनारायण राठी, प्रफुल्ल मालाणी समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे। उनका कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जबकि वे पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों संपत्ति व जीएसटी जैसे कर नियमित रूप से भर रहे हैं। 'एक राष्ट्र, एक कर' की तर्ज पर अतिरिक्त शुल्क वापस लेने की मांग भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाई है।
मनपा उद्योग व व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के साथ निर्धारित दरों पर लाइसेंस शुल्क वसूलने की तैयारी में है। इसके तहत संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत इस प्रस्ताव को पहली बार 6 दिसंबर 2018 को महासभा में मंजूरी मिली थी। इसके बाद 26 नवंबर 2020 को नगर विकास विभाग ने भी इसे स्वीकृति प्रदान की थी।
वर्ष 2021 में जब इसे लागू करने की कोशिश की गई थी, तब व्यापारियों ने एक दिवसीय बंद कर विरोध जताया था व मामला प्रशासनिक स्तर पर ठंडे बस्ते में चला गया था। अब एक बार फिर प्रक्रिया शुरू होने से व्यापारी आक्रामक हो गए है।
महापौर राजूरकर ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि व्यवसाय लाइसेंस शुल्क का प्रावधान कानून में होने के कारण तत्काल निर्णय लेना आसान नहीं है।
हालांकि, इस मुद्दे पर आयुक्त अमोल येडगे से चर्चा कर उचित रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेने का प्रयास किया महापौर के सुझाव के अनुसार व्यापारी प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह आयुक्त से मुलाकात करेगा।