Aurangabad bench notice (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar: कार्यकाल समाप्त हो चुकी ग्राम पंचायतों में सरपंच को ही प्रशासक नियुक्त करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति विभा कंकणवाडी की पीठ ने राज्य शासन, राज्य निर्वाचन आयोग तथा जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की गई है।
याचिका में 20 फरवरी 2026 को ग्राम विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इस अधिसूचना में निर्देश दिया गया था कि जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां सरपंच को प्रशासक तथा उपसरपंच और सदस्यों को प्रशासनिक समिति के रूप में नियुक्त किया जाए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता देवदत्त पालोदकर ने दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 243 के अनुसार पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रकार प्रशासनिक अधिकार देना संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
ये भी पढ़े: कार्यकाल खत्म सरपंच को प्रशासक बनाने की अधिसूचना पर सवाल, 18 मार्च को सुनवाई
उन्होंने यह भी कहा कि अधिसूचना जारी करते समय किसी ठोस प्रशासनिक कठिनाई का उल्लेख नहीं किया गया है, जो इस निर्णय को न्यायिक जांच के दायरे में लाता है।