आज शाम मुंबई पहुंचेंगे बागी सांसद, शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में थामेंगे एकनाथ शिंदे का दामन!

Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसद आज मुंबई पहुंचकर शिंदे गुट में शामिल होने जा रहे हैं।
Shiv Sena UBT 6 MPs Join Eknath Shinde Camp
उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे (डिजाइन फोटो)
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Shiv Sena UBT 6 MPs Join Eknath Shinde Camp: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े उलटफेर की गवाह बनने जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) यानी उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने पाला बदलने का पूरा मन बना लिया है। ये सभी बागी सांसद आज शाम मुंबई पहुंच रहे हैं, जिन्हें गोरेगांव स्थित एक आलीशान होटल में ठहराया जाएगा। कल ये औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम सकते हैं।

गोरेगांव के वेस्टिन होटल में घेराबंदी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट से बगावत करने वाले 6 सांसदों को सुरक्षित रखने के लिए मुंबई के गोरेगांव स्थित 'वेस्टिन होटल' में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह होटल वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) से सटा हुआ है। कानून-व्यवस्था और गोपनीयता बनाए रखने के लिए इन सभी नेताओं को शाम 6 बजे के बाद बेहद सतर्कता के साथ होटल लाया जाएगा।

शिवसेना स्थापना दिवस समारोह में शिंदे गुट में शामिल हाेंगे बागी सांसद

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की टाइमिंग बेहद सोची-समझी है। दरअसल, कल मुंबई के गोरेगांव स्थित प्रसिद्ध नेस्को (NESCO) सेंटर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अपना 60वां स्थापना दिवस समारोह मनाने जा रही है। इसी समारोह के मंच पर इन 6 सांसदों का भव्य स्वागत किया जाएगा और वे आधिकारिक रूप से शिंदे गुट की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

चूंकि वेस्टिन होटल और नेस्को सेंटर बिल्कुल पास-पास हैं, इसलिए सुरक्षा और आवाजाही के लिहाज से रणनीतिक रूप से सांसदों को यहीं ठहराने का फैसला लिया गया। राजनीतिक गलियारों में इस पूरी दलबदल की पटकथा को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है, जो अब अपने आखिरी पड़ाव पर है।

उद्धव ठाकरे के पास बचेंगे केवल तीन सांसद

बता दें कि संसद में दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत सदस्यता रद्द होने से बचने के लिए किसी भी दल के कुल सांसदों में से दो-तिहाई का एक साथ टूटना जरूरी होता है। लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट के पास कुल 9 सांसद हैं। ऐसे में 6 सांसदों का एक साथ अलग होकर शिंदे गुट में विलय करना तकनीकी रूप से उनकी सदस्यता को सुरक्षित रखेगा। इस बड़ी टूट के बाद अब उद्धव ठाकरे के पाले में केवल 3 वफादार सांसद ही बचे रह जाएंगे।

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