संभाजीनगर: विधान परिषद में महायुति के निर्विरोध निर्वाचन पर बोले शिरसाट, हार के डर से आरोप लगा रहा विपक्ष
Sambhajinagar MLC Election: पालक मंत्री संजय शिरसाट ने विधान परिषद चुनाव में महायुति के निर्विरोध चुने जाने पर संजय राउत के आरोपों को खारिज किया और कहा कि एमवीए पहले ही हार मान चुकी थी।
- Written By: रूपम सिंह
मंत्री संजय शिरसाट ( सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो )
Chhatrapati Sambhajinagar Vidhan Parishad: महाराष्ट्र विधान परिषद की छह सीटों पर महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद शुरू हुए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के के बीच बीच राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री एवं जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनावी गणित में कमजोर पड़ने के कारण महाविकास आघाड़ी पहले ही अपनी हार तय मान चुकी थी, इसलिए अब बिनविरोध चुनाव को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिरसाट ने कहा कि छह सीटों पर दो-दो उम्मीदवार शिवसेना (शिंदे गुट), भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के निर्विरोध चुने गए हैं।
इस पर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत द्वारा 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप लगाया गया है, जो पूरी तरह निराधार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महाविकास आघाडी के घटक दलों में चुनाव को लेकर कोई ठोस समन्वय था। क्या उद्धव गुट, कांग्रेस और शरद पवार गुट की कोई प्रभावी बैठक हुई थी।
सम्बंधित ख़बरें
NEET छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, आज ही पहुंचेंगे जंतर मंतर
हज यात्रियों को मिली बड़ी राहत: हज-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ी, 24 जुलाई तक करें अप्लाई
संभाजीनगर की सफाई व्यवस्था पर आर्थिक संकट, कचरा संकलन एजेंसी पर बढ़ा करोड़ों का मासिक बोझ
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दाे… संभाजीनगर में जनाक्रोश, NEET पेपर लीक और सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन
यह भी पढ़ें:- गोंदिया: समृद्ध पंचायतराज अभियान में खोडशिवनी तहसील में प्रथम, जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए पहुंची जांच टीम
निराधार राजनीति कर रही महाविकास आघाड़ी
यदि विपक्ष अपने उम्मीदवारों को पर्याप्त समर्थन और राजनीतिक ताकत नहीं दे सका, तो उनकी उम्मीदवारी वापस लेने का ठीकरा महायुति पर नहीं फोड़ा जा सकता। संजय शिरसाट ने कहा कि आज का कार्यकर्ता राजनीतिक परिस्थितियों को समझता है और बिना पर्याप्त समर्थन के चुनाव लड़कर अपना नुकसान नहीं करना चाहता। उन्होंने दावा किया कि सभी सीटों पर महायुति की जीत तय होने के कारण विपक्ष की ओर से आरोपों का दौर आगे भी जारी रहेगा।
