पानी के लिए 8-10 दिनों का इंतजार खत्म! अगले महीने से संभाजीनगर में दौड़ेगा 50 MLD अतिरिक्त पानी
Sambhajinagar water crisis: संभाजीनगर में 2740 करोड़ की नई जलापूर्ति योजना का पहला चरण पूरा। सिडको-हडको को मिलेगी पानी की किल्लत से राहत। जानें पाइपलाइन और 50 MLD पानी की पूरी जानकारी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
छत्रपति संभाजीनगर में जल-संकट समाप्त की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
New Water Project Sambhajinagar: भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे छत्रपति संभाजीनगर के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शहर के सिडको और हडको क्षेत्रों में पिछले 8-10 दिनों से जारी गंभीर जल किल्लत अब जल्द ही समाप्त होने वाली है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) द्वारा क्रियान्वित की जा रही 2,740 करोड़ रुपये की नई जलापूर्ति योजना का पहला चरण अंतिम चरण में पहुँच गया है। इस योजना के लागू होने से न केवल नए उपनगरों बल्कि पुराने शहर की जल समस्या का भी समाधान होगा।
भीषण गर्मी और 10 दिनों का लंबा इंतजार
वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर में स्थिति काफी गंभीर है। पुराने शहर के कई मोहल्लों में आठ से नौ दिनों में एक बार पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि कुछ ऊँचाई वाले इलाकों में यह अंतराल 10 दिनों तक पहुँच गया है। भीषण गर्मी के इस मौसम में नागरिकों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर भी भारी बोझ पड़ रहा है। इसी संकट को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने नई जलापूर्ति योजना के पहले चरण को युद्ध स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है।
नए प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
प्रशासन की योजना के अनुसार, हिमायतबाग, हर्सूल, सिडको और हडको जैसे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। योजना के शुरुआती चरण में शहर के लिए प्रतिदिन लगभग 50 एमएलडी (MLD) पानी लाने का लक्ष्य रखा गया है। जलयोजना के तहत बिछाई गई 350 मिमी व्यास वाली मुख्य जलवाहिनी का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और इसका तकनीकी परीक्षण भी सफल रहा है। जैसे ही सिडको-हडको को नई पाइपलाइन से पानी मिलना शुरू होगा, पुराने ‘एक्सप्रेस जलवाहिनी’ पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम हो जाएगा। इस बचे हुए पानी को पुराने शहर की ओर डायवर्ट किया जा सकेगा।
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नक्षत्रवाड़ी से हर्सूल तक का सफर
पानी आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता वसंत भोये ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में पानी को नक्षत्रवाड़ी से हर्सूल जेल के रास्ते सिडको तक पहुँचाया जाएगा। इस नई वितरण व्यवस्था से सिडको-हडको क्षेत्र की कुल जलापूर्ति में 5 से 6 प्रतिशत की तत्काल वृद्धि होगी। हालांकि, इस पूरी तकनीकी प्रक्रिया और वितरण नेटवर्क को सुचारू रूप से लागू करने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
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भविष्य की उम्मीदें
इस 2,740 करोड़ के वृहद प्रकल्प का उद्देश्य शहर की भविष्य की जरूरतों को पूरा करना है। एक महीने बाद जब यह योजना सुचारू होगी, तब नागरिकों को नियमित अंतराल पर पानी मिल सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में शहर की प्यास बुझाने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार हो जाएगा।
