छत्रपति संभाजीनगर में नो-नेटवर्क क्षेत्रों को मिलेंगे नल कनेक्शन; मिसारवाडी से होगी शुरुआत, मनपा ने कसी कमर
Sambhajinagar Water Supply: छत्रपति संभाजीनगर के नो-नेटवर्क क्षेत्रों को नई जलापूर्ति योजना से मिलेंगे नल कनेक्शन। कमिश्नर अमोल येडगे के निर्देश पर मिसारवाडी से शुरू होगा विशेष अभियान।
- Written By: रूपम सिंह
नल कनेक्शन (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Amol Yedge: छत्रपति संभाजीनगर शहर के उन हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है, जो वर्षों से नियमित जलापूर्ति व्यवस्था से वंचित हैं। नई जलापूर्ति योजना से अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने के बाद मनपा ने नो-नेटवर्क क्षेत्रों में नल कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत मिसारवाडी क्षेत्र से की जाएगी। इसके लिए अलग से मानक कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तकनीकी रूप से व्यवस्थित रहे।
छत्रपति संभाजीनगर शहर के तेजी से विस्तार के कारण कई नई बस्तियां और आवासीय क्षेत्र अभी तक मनपा की नियमित जल वितरण व्यवस्था से नहीं जुड़ पाए हैं। इन क्षेत्रों में पाइपलाइन का जाल विकसित नहीं होने से नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
लंबे समय से इन इलाकों के लोग नल कनेक्शन की मांग कर रहे थे। अब नई जलापूर्ति योजना से अतिरिक्त पानी मिलने के बाद प्रशासन ने इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
सम्बंधित ख़बरें
POCSO के आरोपी पर बड़ी कार्रवाई: रहाता में हरिदास गायकवाड़ के अवैध निर्माण पर चला JCB
पिंपरी-चिंचवड़ को जनवरी 2027 तक नहीं मिलेगी पानी संकट से राहत, भामा आसखेड परियोजना की नई डेडलाइन तय
राज्य में जेलों के आधुनिकीकरण में लाएं तेजी, समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री पंकज भोयर दिए निर्देश
पुणे मनपा कचरा प्रबंधन टेंडर विवाद, कांग्रेस का 250 करोड़ के नुकसान का आरोप, CCI में शिकायत दर्ज
यह भी पढें:- पिंपरी-चिंचवड़ को जनवरी 2027 तक नहीं मिलेगी पानी संकट से राहत, भामा आसखेड परियोजना की नई डेडलाइन तय
मनपा तैयार करेगी अलग कार्यप्रणाली
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। नल कनेक्शन देने के लिए एक समान नियम और तकनीकी मानक लागू किए जाएंगे, इसके लिए अलग मानक कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी, जिसमे कनेक्शन की मंजूरी, पाइपलाइन जोड़ने की प्रक्रिया, शुल्क और अन्य प्रावधान निर्धारित किए जाएंगे।
नई जलापूर्ति योजना के तहत नक्षत्र वाड़ी स्थित संतुलित जलकुंभ से बिछाई गई 2000 मिलीमीटर व्यास की मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से नो-नेटवर्क क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 1100 और 1500 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइनों से जुड़े विभिन्न जलकुंभों के कार्यक्षेत्रों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
