

Chhatrapati Sambhajinagar Connection Water Pipeline Supply: लंबे इंतजार और लगातार सामने आई तकनीकी चुनौतियों को दूर करने के बाद आखिरकार नई पेयजल योजना के तहत नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशोधन केंद्र तक पानी पहुंचा गया है। वहां शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार से शहर के लिए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। फिलहाल प्रतिदिन 5 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि योजना के अनुसार प्रारंभिक चरण में 10 एमएलडी पानी लेने का लक्ष्य रखा गया है।
शेष पानी का उपयोग 1500 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन की हाइड्रोलिक जांच के लिए किया जाएगा। शहर के लिए तैयार की जा रही नई जलापूर्ति योजना के पहले चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत गुड़ी पाडवा के दिन जायकवाड़ी बांध से सायफन प्रणाली के माध्यम से पानी उठाकर जैकवेल तक पहुंचाया गया था। इसके दो दिन बाद मुख्य पाइपलाइन में पानी छोड़ा गया। इस कार्य के लिए जैकवेल पर 3700 हॉर्स पावर क्षमता के दो बड़े पंप लगाए गए।
इन पंपों की सहायता से पाइपलाइन में पानी प्रवाहित कर विभिन्न चरणों में सफाई और परीक्षण का कार्य पूरा किया गया। इसके बाद नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशोधन केंद्र तक पानी पहुंचाया गया और वहां शोधन संयंत्र की जांच की गई। पहाड़ी क्षेत्र में बनाए गए दो बड़े जलाशयों में भी पानी भरा गया। जलापूर्ति शुरू करने से पहले सामने आई तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार
तैयारी की जा रही थी, लेकिन इसी दौरान सायफन पाइप को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण पानी उठाने का काम बंद करना पड़ा। गर्मी के कारण जायकवाड़ी बांध का जलस्तर लगातार घटने से सायफन प्रणाली से पानी उठाने में कठिनाई पैदा हो गई। समस्या के समाधान के लिए 20 हॉर्स पावर क्षमता के पांच सबमर्सिबल पंप लगाए गए, जिनकी मदद से पानी को सायफन पाइप के समीप तक पहुंचाया गया।
नई जलापूर्ति योजना की 1500 मिमी व्यास वाली मुख्य पाइपलाइन से नक्षत्रवाड़ी से हरसूल और जटवाड़ा क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाना है। इसकी जांच पहले अधूरी रह गई थी। अब मंगलवार के बाद पाइपलाइन में पानी छोड़कर परीक्षण पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही क्रॉस कनेक्शन जोड़ने का काम भी जारी है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और मनपा के अधिकारियों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
पाइपलाइन में दबाव बनाने के लिए एक वैक्यूम पंप भी लगाया गया हालांकि मुख्य पाइपलाइन में पानी भरने के दौरान कुछ ही समय बाद वैक्यूम पंप जल गया, जिससे जलापूर्ति का कार्य फिर रुक गया, बाद में नया वैक्यूम पंप स्थापित किया गया और दोबारा पंपिंग शुरू की गई। इसके बाद पानी नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशोधन केंद्र तक पहुंचा, जहां शुद्धिकरण के बाद उसे जलाशयों में संग्रहित किया गया। वर्तमान में नई योजना के जलाशयों से मनपा की मौजूदा प्रणाली को पानी दिया जा रहा है।