Sambhajinagar में सभापतियों का विरोध, एक महीने बाद भी दफ्तर नहीं; धरना की चेतावनी
Sambhajinagar Municipal Issue: संभाजीनगर मनपा में समिति सभापतियों को 1 महीने बाद भी दफ्तर नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ गई है। आयुक्त से मुलाकात कर जल्द व्यवस्था की मांग की गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Civic Administration Problem( Source: Social Media )
Sambhajinagar Civic Administration Problem: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में विभिन्न विषय समितियों के सभापतियों का चयन हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी उन्हें उनके अधिकार के अनुसार दफ्तर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
इस कारण सभापतियों में नाराजगी बढ़ गई है। बार-बार प्रयास करने के बाद भी प्रशासन की ओर से टालमटोल की जा रही है। इससे नाराज सभापतियों ने गुरुवार शाम मनपा आयुक्त अमोल येडगे से मुलाकात कर तुरंत दफ्तर उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर आयुक्त कार्यालय के सामने धरना आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। मनपा में 12 मार्च को स्थायी समिति सहित कई विषय समितियों के सभापति और उप सभापतियों का चयन किया गया था।
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स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये को दफ्तर उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन महिला व बाल कल्याण समिति की सभापति शोभा बुरांडे, उपसभापति ज्योति जैन, स्वास्थ्य समिति सभापति सुनीता सोलुके, शहर सुधार समिति के सभापति रामदास हरने, स्कूल समिति की सभापति प्रेमलता दाभाडे और समाज कल्याण समिति के सभापति जालिंदर शेंडगे को अब तक अलग-अलग दफ्तर नहीं दिए गए हैं।
सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों में ही नाराजगी
आखिरकार धैर्य समाप्त होने के बाद गुरुवार की सभापतियों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दफ्तर तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, अन्यथा आयुक्त कार्यालय के सामने धरना आदोलन किया जाएगा।
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उधर, दफ्तरों का मामला अभी तक हल नहीं होने के कारण सभागृह नेता का चयन भी लंबित रखा गया है। यदि यह समस्या जल्द नहीं सुलझाई गई, तो आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
