जाधववाड़ी एपीएमसी में अवैध प्लॉटिंग का भंडाफोड़, चार अधिकारियों को नोटिस; रजिस्ट्रार ने मांगा जवाब
Sambhajinagar Land Case: जाधववाड़ी एपीएमसी में ओपन स्पेस व एमिनिटी भूखंडों पर अवैध प्लॉटिंग व बिक्री का आरोप लगा है। उप-निबंधक ने चार अधिकारियों को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा।
- Written By: अंकिता पटेल
छत्रपति संभाजीनगर (सोर्स: सोशल मीडिया)
APMC Scam Illegal Plotting: छत्रपति संभाजीनगर जाधववाड़ी स्थित कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग व बिक्री का गंभीर मामला सामने आने के बाद उप-निबंधक वर्ग-2, छत्रपति संभाजीनगर क्रमांक-5 ने सचिव विजय शिरसाठ, अनवर खान पठान, कुमार येलीकर और पीयूष चव्हाण को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जानकारी तलब की है। एआईएम की युवा इकाई के शहराध्यक्ष मोहम्मद असरार ने 19 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें कहा था कि वर्ष 2018 में स्वीकृत फाइनल ले-आउट के बाद एपीएमसी ने कोई भी वैध रिवाइज्ड ले आउट प्लान नगर रचना विभाग या मनपा से स्वीकृत नहीं कराया गया। वर्ष 2023 में ओपन स्पेस, एमिनिटी प्लॉट, सड़क की साइट मार्जिन व पार्किंग के स्थानों पर प्लॉटिंग कर बेचने का आरोप लगाया गया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री
जांच में पता चला कि रजिस्ट्री दस्तावेजों में मनपा की ओर से संशोधित ले-आउट को मंजूरी मिलने का जिक्र किया गया, वास्तव में मनपा ने पत्र सौंपकर कहा कि उसने ऐसा कोई संशोधित ले-आउट स्वीकृत ही नहीं किया है। समझा जाता है कि दस्तावेजों के साथ फर्जी व झूठे कागजात संलग्नित कर कार्यालय व सरकार को गुमराह किया गया।
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सात दिन में जवाब देने के आदेश
उप-निबंधक कार्यालय ने संबंधित पक्षों को सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और सबूतों सहित स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है। निश्चित समय में जवाब नहीं देने पर निबंधन अधिनियम 1908 की चारा 83 के तहत आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी नोटिस में दी गई है। इस गंभीर प्रकरण के सामने आने के बाद एपीएमसी की कार्यप्रणाली व भूमि व्यवहारों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। प्रकरण की जानकारी अगली कार्रवाई हेतु सह जिला निबंधक वर्ग-1 व मुद्रांक जिला अधिकारी को भेजी गई है।
