संभाजी कॉलोनी हत्याकांड: 8 आरोपियों को दोबारा रिमांड, जमीनी विवाद में हुआ था खूनी संघर्ष

Sambhaji Colony Murder Case: सिडको एन-6 स्थित संभाजी कॉलोनी में पाडसवान परिवार पर हमला कर युवक प्रमोद पडसवान की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
संभाजी कॉलोनी हत्याकांड
संभाजी कॉलोनी हत्याकांड (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar: श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एस।डी। जवलेगकर ने शनिवार को सिडको एन-6 स्थित संभाजी कॉलोनी में पाडसवान परिवार पर हमला कर युवक प्रमोद पडसवान की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को दोबारा शनिवार को न्यायालय में पेश करने पर उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उधर, आरोपी के वकील ने फिांदी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करने के लिए आरोपियों से मुलाकात करने देने की विनंती की। इस विनंती को न्यायालय ने मानते हुए आरोपियों के वकील को उनसे मिलने के लिए इजाजत दी।

आरोपियों के नाम ज्ञानेश्वर निमोने, गौरव निमोने, सैरव निमोने, काशीनाथ निमोने, शशिकला निमोने, मनोज दानवे, अरुण विष्णु गव्हाड और मंगेश गजानन वाघ शामिल हैं 22 अगस्त को खुले प्लाट पर निर्माण कार्य के लिए डाली गई सामग्री हटाने को लेकर हुए मामूली विवाद में निमोने परिवार ने पाडसवान परिवार पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में प्रमोद पाडसवान की मौत हो गई थी, जबकि शिकायतकर्ता रमेश और उसका पोता रुद्र गंभीर रूप से घायल हुए थे। रमेश पाडसवान की शिकायत पर सिडको पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश

पुलिस ने जांच की और 22 अगस्त को सौरव निमोने, काशीनाथ निमोने और मनोज दानवे को गिरफ्तार किया। 23 अगस्त को ज्ञानेश्वर निमोने, गौरव निमोने और शशिकला निमोने को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान, आरोपियों को अपराध के लिए उकसाने वाले अरुण गव्हाड और मंगेश वाघ को 26 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। पहले अदालत ने सभी आरोपियों को 30 अगस्त तक हिरासत में भेजा था। आज शनिवार को दोबारा सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने पर सभी आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए।

रक्त के नमूने, खून से सने कपड़े किए गए जब्त

ई-साक्ष ऐप के माध्यम से जांच पूरी की गई। घटनास्थल से 4 रक्त के नमूने, खून से सने कपड़े, एक जोड़ी जूते, चप्पल और एक डीवीआर जब्त किया गया। मृतक के कपड़े, शिकायतकर्ता और घायल गवाहों के कपड़े, आरोपी के कपड़े और जब्त हथियार को जांच के लिए भेजा गया। घाटी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करने के बाद खून से सने कपड़े जब्त किए गए। हथियार और सबूत जब्त किए गए, गौरव निमोने से अपराध में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया ज्ञानेश्वर निमोने से एक लकड़ी का डंडा जब्त किया गया।

आरोपी जयश्री दानवे अभी भी फरार

सभी आरोपियों और गवाहों के कपड़े जब्त किए गए। रुद्राक्ष पाडसवान (मृतक क बेटा), मंदाबाई पदसवान (मां), रोशन पदसवान (पत्नी) के बयान अदालत में दर्ज किए गए। गिरफ़्तार आरोपियों के रक्त के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। जांच में पता चला कि सभी आरोपियों ने मिलकर सुनियोजित षडयंत्र रचकर हमला करने क बात साफ हुई। शनिवार को जब इन आठे आरोपियों को अदालत में पेश किया गया इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड जब्त करन है। यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने अपराध में इस्तेमाल किया गया चाकू कहां से लाया था। आरोपी जयश्री दानवे अभी भी फरार है।

लोहे की रॉड जब्त करना अभी भी बाकी

निमोने परिवार की ओर से एड। संतोष सरताडे और बाकी दो आरोपियों की ओर से एड। सचिन शिंदे पेश हुए। इस दौरान एड। शिंदे ने अदालत से हमें न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए कहा कि अपराध में हमारी कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि हम सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिख रहे हैं। एड। सरताडे ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहीं भी लोहे की छड़ का जिक्र नहीं है और पुलिस जांच में अब तक लोहे की रॉड नहीं मिला है। साथ ही, इस विवाद में निमोने के परिवार के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया।

इसलिए, हम पाड़सवान परिवार के खिलाफ भी मामला दर्ज करना चाहते हैं, ऐसे में अदालत से निमोने परिवार से मिलकर इस बारे में जानकारी लेने की अनुमति मांगी। इस पर अदालत ने एड। सरताडे को जेल में बंद निमोने परिवार से मिलने की अनुमति दी।

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