अशोक खरात मामला, रोहित पवार बयान( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Ashok Kharat Case: छत्रपति संभाजीनगर नाशिक के अशोक खरात प्रकरण में कई महिलाओं के वीडियो सामने आए हैं जिसमें कई नेताओं की कथित सेंलिप्तता सामने आई है। तात्या के वीडियो क्यों बाहर नहीं आ रहे हैं।
इस वीडियो के जरिए उन पर राजनीतिक दबाव तो नहीं बनाया जा रहा। अपने पाले में खींचने की कोशिश तो नहीं की जा रही। यह सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने भाजपा का नाम लिए बगैर पूछा।
संवाददाताओं से बातचीत में अशोक खरात प्रकरण में पवार ने कहा कि रूपाली चाकणकर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जान को खतरा होने की बात में कितनी सच्चाई है यह उन्हें नहीं मालूम, कभी कुछ चीजें सच्ची होती है।
कभी कार्यकर्ता भावुक होकर संदेश वायरल कर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। खरात मामले में कई नेता उसके पास जाकर क्या व कौनसी पूजा करते थे।
उन्होंने कहा कि प्रकरण में सामान्य लोगों के व कुछ अधिकारियों की पत्नियों के भी वीडियो सामने आए हैं। हालांकि, वे यह नहीं बता सकते कि वह जानबूझकर दिए गए या गलती से।
रोहित ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के बावजूद कुछ नेताओं के वीडियो क्यों बाहर नहीं आए। पचार ने अंदेशा जताया कि भाजपा इन चीडियों का उपयोग राजनीतिक दबाव व कुछ लोगों को अपने पाले में लाने के लिए तो नहीं कर रही रखरात के बारे में पवार ने कहा कि कुछ नेताओं के यहां पूजा करने के साथ ही गुड़िया पर अंगूठे काट उस पर रक्त डालने की बात सामने आई है।
पूछा कि ये वीडियो अब तक क्यों सामने नहीं आए, नाशिक में अधिकारियों व नेताओं के महिलाओं संग वीडियो भी वायरल हुए, हनी ट्रैप प्रकरण की भी खूब चचर्चा हुई, मगर उसका क्या हुआ कुछ पता नहीं चला।
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राको (शरद पवार) के विधायक एकनाथ खड़से तह तक जाने की कोशिश कर रहे थे, मगर उनके परिवार को घेरने की कोशिश की गई। पवार ने पूछा कि इन वीडियों का इस्तेमाल कहीं ब्लैकमेल करने के लिए तो नहीं किया जा रहा?