Sambhajinagar: वारकरी पर सियासत: शिरसाट का पवार पर निशाना, कहा- जातीय रंग देना गलत है

Sanjay Shirsat Statement: पालक मंत्री संजय शिरसाट ने वारकरी संप्रदाय को जातीय रंग देने पर शरद पवार की आलोचना की। कहा, यह सभी धर्मों को जोड़ने वाला समावेशी परंपरा है।
Sambhajinagar: Politics over Warkaris: Shirsat targets Pawar, says—giving it a casteist spin is wrong.
संजय शिरसाट बयान( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sharad Pawar Controversy: छत्रपति संभाजीनगर पालक मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि वारकरी जैसा राज्य व देश में ऐसा कोई भी संप्रदाय नहीं है व इसमें विभिन्न जाति-धर्म के लोग शामिल होते हैं। यह किसी एक जाति तक सीमित नहीं है।

ऐसे में इसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार की ओर से जातीय रंग देना गलत है। पवार वारकरी संप्रदाय की एकता व ताकत कमजोर न करें। शिरसाट ने शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत की। कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार की नाशिक के अशोक खरात पर टिप्पणी की थी।

इस पर शिरसाट ने कहा कि 2012-13 से कई हिंदू बाबा सालों से जेल में कैद हैं व उक्त प्रकरण को जाति धर्म में न घसीटें, भोंदू, दुष्कर्मी भले ही कोई भी समाज का हो, उसकी जगह जेल में होनी चाहिए।

वडेट्टीवार को सुझाव दिया कि वे यह जानकारी लें कि कौनसे धर्म के लोग इस प्रकरण में जेल में हैं। शिरसाट ने कहा कि वे पहले से ही कह रहे थे कि अशोक खरात प्रकरण का दायरा सिर्फ अत्याचार तक सीमित नहीं है।

तफ्तीश में जमीन घोटालों के अलावा पैसों के व्यवहार आदि पेचीदा घटनाएं सामने आईं। इसकी तफ्तीश करने की चुनौती अधिकारियों के सामने है। दावा किया किकुछ दिनों में अशोक खरात के सहयोगियों के नाम भी सामने आएंगे और वे जेल की हवा खाएंगे। लव जिहाद के रूप में नए तरीके से धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं व इसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लेकर जांच के लिए एजेंसियों को लगाया है।

सुनेत्रा पवार सजग रहकर करें राजनीति

शिरसाट ने कहा राजनीति में एखाद महिला के बड़े ओहदे पर जाने के बाद कई संकटों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जान को खतरा है कि नहीं, मगर वह सजग रहे।

विशेष जांच दल अर्थात एसआईटी ने रूपाली चाकणकर की जांच शुरू करने से पूरी सच्चाई सामने आने का दावा भी उन्होंने किया शिरसाट ने एमआईएम पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शहर के नामांतरण के बाद हुए मनपा के आम चुनाव में उसके 33 नगरसेवक चुनकर आने के बाद उसमें घमंड आ गया है।

एमआईएम को सुझाव दिया कि वे याद रखें कि यह रजाकारी नहीं है। अफसरों संग बदसलूकी करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग भी उन्होंने की।

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