विधायक प्रशांत बंब की सख्त चेतावनी; ऐप से होगी मुख्यालय न छोड़ने वाले शिक्षकों और अधिकारियों पर निगरानी
Sambhajinagar Zilla Parishad: गंगापुर के विधायक प्रशांत बंब ने मुख्यालय न रहने वाले शिक्षकों-अधिकारियों को चेतावनी दी। मोबाइल ऐप से होगी निगरानी, नियम तोड़ने पर निलंबन व सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी।
- Written By: रूपम सिंह
विधायक प्रशांत बंब (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Zilla Parishad Gangapur BJP MLA: छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर के भाजपा विधायक प्रशांत बंब ने अधिकारियों और शिक्षकों के मुख्यालय में निवास को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला परिषद के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। लगातार तीन बार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निलंबन तथा आगे चलकर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक बंब ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिक्षा व्यवस्था चिंताजनक स्थिति में है। कई विद्यार्थी आयु और कक्षा के अनुरूप अपेक्षित शैक्षणिक स्तर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यालय में नहीं रहने वाले शिक्षकों, केंद्र प्रमुखों, विस्तार अधिकारियों और शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विधायक बंब ने ग्राम पंचायत विभाग, कृषि विभाग और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई
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विकास कार्यों की बैठक में दिया निर्देश
- उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के लगभग 1500 अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल में विशेष ऐप स्थापित किया जाएगा।
- मुख्यालय छोड़ने की स्थिति में इसकी जानकारी तत्काल उनके कार्यालय और जिला परिषद प्रशासन को मिल जाएगी।
- जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए।
- उनका दावा है कि अधिकांश कार्य निम्न गुणवत्ता के हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा वसूली की मांग की जाएगी।
- साथ ही उन्होंने पूर्व जिला परिषद प्रशासन पर भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
- अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं।
