Marathwada में बाढ़ का अलर्ट जारी, 24,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के Marathwada पर मौसम की मार देखने के लिए मिल रही है। मूसलाधार बारिश के कारण संभाग के सभी बांध, नदियां, नाले उफान पर है। इस बारिश का सीधा असर 24,000 नागरिकों पर हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजीनगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News: पिछले कुछ दिनों से मराठवाड़ा में बारिश ने कहर बरपाया है। लगातार बारिश से संभाग के बांध, नदियां, नाले अपने उफान पर है। बारिश के कहर से 24 हजार से अधिक नागरिकों को स्थानांतरित करना पड़ा।
बारिश के कहर से फसलों के साथ ही आर्थिक नुकसान नागरिकों व किसानों का बड़े पैमाने पर हुआ। लेकिन, प्रशासन के नियोजन बद्ध तरीके से बुद्ध स्तर पर नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए गए कार्यों से नागरिकों की जान बचाने में प्रशासन कामयाब रहा।
विभागीय आयुक्त जीतेन्द्र पापलकर ने प्रेस वार्ता में मराठवाड़ा में बारिश के कहर से हुए नुकसान की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 26 व 27 सितंबर इन दो दिनों में कुल 330 मंडलों में भारी बारिश हुई। सर्वेक्षण से पता चला है कि बारिश के कहर से भारी नुकसान हुआ है। 1272 घरों के साथ 7 लोगों और 283 पशुओं के मौत के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
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प्रशासन का नियोजन कार्य रहा सफल
इसके लिए बड़ी मात्रा में निधि की आवश्यकता होगी। संभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने सोमवार को जानकारी दी कि जल्द ही सरकार से जरूरी निधि की मांग की जाएगी। इस भारी बारिश के दो दिनों में खोज और बचाव तंत्र ने बाढ़ में फंसे संभाग के कुल 482 नागरिकों को बचाने में सफलता प्राप्त की। अभी भी, छत्रपति संभाजी नगर, जालना, बीड़ और धाराशिव जिलों में एनडीआरएफ की टीमें, नांदेड़ जिले में एसडीआरएफ की टीमें और परभणी जिले में सेना काम कर रही है।
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बांधों का भी हुआ नुकसान
इस बीच, 26 की रात से संभाग में शुरू बहाई बारिश और गोदावरी नदी में छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर, संभाग के कुल 24676 नागरिकों को अस्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है। इनमें से 17885 नागरिक वर्तमान में अस्थायी आश्रय स्थलों में हैं, जबकि 6791 नागरिक अपने घर/रिश्तेदारों के पास चले गए हैं। इस बीच, भारी बारिश में जिला परिषद के अंतर्गत 6 रिसाव तालाब, 4 कोल्हापुरी बांध, 1 सिंचाई तालाब और 1 ग्राम तालाब क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला परिषद प्रशासन ने बताया है कि उनकी मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।
