Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मराठवाड़ा में गहराया जल संकट, छत्रपति संभाजीनगर में 8 दिन में एक बार वॉटर सप्लाई, 5 डैम का पानी खत्म

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के 11 प्रमुख जलाशयों में से पांच में पानी नहीं बचा है। सबसे बड़े जायकवाड़ी बांध में केवल चार प्रतिशत पानी बचा है। छत्रपति संभाजीनगर शहर को हर आठ दिन में एक बार पानी मिलता है। वहीं, लातूर में हर चार दिन में पानी की आपूर्ति होती है।

  • By शुभम सोनडवले
Updated On: Jun 07, 2024 | 09:01 PM

लगभग सूख चुके कुएं से पानी भरती हुई महिला (फाइल फोटो: पीटीआई)

Follow Us
Close
Follow Us:

छत्रपति संभाजीनगर. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के जल संकट गहराया है। यहां के 11 प्रमुख जलाशयों में से पांच में पानी नहीं बचा है और इनमें सबसे बड़े जायकवाड़ी बांध में केवल चार प्रतिशत पानी बचा है। छत्रपति संभाजीनगर में आठ दिन में एक बार, तो वहीं लातूर में चार दिन में एक बार पानी मिलता है।

बता दें कि मराठवाड़ा क्षेत्र में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, हिंगोली, धाराशिव, लातूर और नांदेड़ जिले शामिल हैं।

मंडलायुक्त कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले वर्ष कम वर्षा के कारण इस क्षेत्र की ग्यारह प्रमुख परियोजनाओं को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से चार जलाशयों में पानी का भंडारण शून्य प्रतिशत तक कम हो गया है।

सम्बंधित ख़बरें

संभाजीनगर स्टेशन के विकास को हरी झंडी, मराठवाड़ा को बड़ी सौगात; लातूर को मिलेगा फायदा

मराठवाड़ा में मोंथा चक्रवात का असर जारी, अगले 5 दिन तक भारी बारिश की चेतावनी

मराठवाडा में अगले 4 दिन जमकर बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट

यवतमाल के विद्यार्थी मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए, दिवाली की छुट्टियाँ करेंगे सार्थक

मराठवाड़ा क्षेत्र के सबसे बड़े जलाशय जायकवाड़ी बांध में वर्तमान में केवल तीन टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फुट) पानी है, जो इसकी कुल भंडारण क्षमता का केवल चार प्रतिशत है। जिन पांच जलाशयों में जल स्तर शून्य प्रतिशत तक गिर गया है, उनमें सिद्धेश्वर (हिंगोली), माजलगांव और मांजरा (दोनों बीड), निम्न टेरणा और सिना कोलेगांव (दोनों धाराशिव) शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सात अन्य परियोजनाओं में जल स्तर का आंकड़ा जायकवाड़ी (छत्रपति संभाजीनगर) 4.04 प्रतिशत, निम्न दुधना (परभणी) 6.23, विष्णुपुरी (नांदेड़) 15.58, मनार (नांदेड़) 22.63, येलदारी (परभणी) 26.66 और पेंगंगा (नांदेड़) 29.23 प्रतिशत है। इसमें कहा गया कि इन जलाशयों में शुक्रवार को कुल जल भंडारण 11.28 प्रतिशत रहा जो पिछले साल इसी दिन 38.64 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के अनुसार, जायकवाड़ी बांध में पिछले साल इसी दिन पानी का भंडार 34.94 प्रतिशत था। मांजरा बांध का जल भंडारण स्तर निचले स्तर पर पहुंचने के बावजूद निकाय अधिकारियों ने कहा कि शहर में पानी में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

नगर निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “वर्तमान में, हम लातूर में हर चार दिन में पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। हालांकि पानी का सामान्य से कम भंडार है लेकिन अगले तीन-चार महीनों तक हमारे यहां कोई समस्या नहीं है। इसलिए लातूर शहर में पानी की कोई कटौती नहीं होगी।”

अधिकारियों ने कहा कि जायकवाड़ी बांध में पानी की स्थिति के आधार पर छत्रपति संभाजीनगर शहर को हर आठ दिन में एक बार पानी मिलता है और नयी समानांतर आपूर्ति लाइन बिछाने का काम जारी है जिसके इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। (एजेंसी एडिटेड)

Marathwada water crisis water of five dams exhausted

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 07, 2024 | 09:00 PM

Topics:  

  • Marathwada
  • Marathwada Water Crisis

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.