Sambhajinagar मराठवाड़ा में 875 करोड़ राजस्व वसूली, राजस्व संग्रह में सुधार; लक्ष्य का 79% हासिल
Sambhajinagar Marathwada Revenue: मराठवाड़ा में 875 करोड़ से अधिक राजस्व वसूली हुई, जो लक्ष्य का करीब 80% है। गौण खनिज और डिजिटल प्रबंधन से आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- Written By: अंकिता पटेल
मराठवाड़ा राजस्व, गौण खनिज( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Minor Minerals Income: छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा क्षेत्र में जमीन राजस्व व गौण खनिज से आय के मामले में इस वर्ष अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। मार्च 2026 के अंत तक कुल 875 करोड़ 16 लाख रुपये का राजस्व वसूला गया, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 79.69 प्रतिशत है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मराठवाड़ा के आठ जिलों को कुल 1,098 करोड़ 16 लाख रुपये के राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था। इसमें जमीन राजस्व से 268 करोड़ 16 लाख रुपये व गौण खनिज से 830 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य शामिल था।
आंकड़ों के अनुसार, जमीन राजस्व से 140 करोड़ 60 लाख रुपये (52.34 प्रतिशत) व गौण खनिज से 734 करोड़ 56 लाख रुपये की वसूली की गई। कुल मिलाकर यह आंकड़ा 875 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
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राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारण परिवहन मार्गों के बेहतर प्रबंधन से खनिज ढुलाई सुगम हुई है। यह अंकीय प्लेटफॉर्म खनन गतिविधियों को व्यवस्थित करने में सहायक रहा। इन प्रयासों से राजस्व संग्रह में दक्षता और पारदर्शिता आई है।
जमीन राजस्व में धाराशिव रहा अव्वल
जमीन राजस्व वसूली में धाराशिव जिला सबसे आगे रहा। यहां 26 करोड़ 53 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाचले 21 करोड़ 34 लाख रुपये (80.73 प्रतिशत) की बसूली हुई।
इसके अलावा बीड़ (62.77%), जालना (69.66%), परभणी (62.21%) और हिंगोली (63.50%) जिलों ने भी संतोषजनक प्रदर्शन किया। छत्रपति संभाजीनगर जिले में 72 करोड़ 85 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 38 करोड़ रुपये (52.17 प्रतिशत) की वसूली हुई। वहीं नदिड़ (29.28%) और लातूर (37.03%) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
गौण खनिज में परभणी ने हासिल किया पहला स्थान
गौण खनिज से राजस्व वसूली में परभणी जिला पहले स्थान पर रहा। 95 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले यहां 139 करोड़ 98 लाख रुपये की वसूली हुई, जो 140.36 प्रतिशत है। लातूर जिले ने भी 100.75 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। इसके अलावा नांदेड (88.70%), हिंगोली (91.77%), धाराशिव (76.60%), बीड (73.57%), जालना (72.76%) और छत्रपति संभाजीनगर (73.04%) जिलें ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
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सभी जिलों को मिलाकर मराठवाड़ा में कुल 875 करोड़ 16 लाख रुपये का राजस्य प्राप्त हुआ, जो लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब अप्रैल से वसूली अभियान को और तेज कर शेष लक्ष्य को पूरा करने पर जोर दिया जाएगा।
