Kannad education trust issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar News: कन्नड़ के श्री छत्रपति शिवाजी शिक्षण प्रसारक मंडल के प्रेसिडेंट मानसिंह पवार समेत नौ ट्रस्टियों को प्लॉट क्रॉस-सेलिंग और दूसरी गड़बड़ियों के आरोप में पद से हटा दिया गया है। इस मामले में जॉइंट चैरिटी कमिश्नर आर. एस. पावस्कर को दोषी ठहराया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, संस्था के डायरेक्टर बिपिन थोराट और दिलीप पाटिल ने 19 मई 2016 को चैरिटी कमिश्नर के पास इन गड़बड़ियों के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पवार और दूसरे पदाधिकारियों पर ट्रस्ट के फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था और महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट, 1950 के सेक्शन 41-D के तहत उन्हें ट्रस्ट बोर्ड से हटाने की मांग की गई थी।
यह फैसला करीब 9 साल, 9 महीने और 8 दिन चली सुनवाई के बाद सुनाया गया। चैरिटी कमिश्नर ने अपने आदेश में कहा कि रेस्पोंडेंट ट्रस्ट की संपत्ति की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है और उसने अपनी ड्यूटी को नज़रअंदाज़ किया है। दो मेंबर्स की पहली ही मौत हो चुकी है
इस मामले में, ऑर्गनाइज़ेशन के प्रेसिडेंट मानसिंह पवार, वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. पंढरीनाथ निकम, सेक्रेटरी चंद्रकांत देशमुख, मेंबर डायरेक्टर डॉ. आनंदराव महाले, कृष्णराव पाटिल, बाबासाहेब मोहिते, चिंतामनराव मोरे, डॉ. डी.डी. शिंदे और अशोक अहेर को ट्रस्ट बोर्ड से हटाने का ऑर्डर दिया गया है। हालांकि, इनमें से चिंतामनराव मोरे, डॉ. डी.डी. शिंदे और अशोक अहेर का पहले ही निधन हो चुका है।
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