महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव की दौड़ में आगे थे गोरंट्याल, पर भाजपा ने इस नेता पर लगाया दांव
Maharashtra MLC Election: औरंगाबाद-जालना विधान परिषद सीट से BJP ने सुहास शिरसाट को उम्मीदवार बनाकर बड़ा दांव खेला हैं। इससे रेस मे आगे माने जा रहे कैलास गोरंट्याल को झटका लगा हैं।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
भाजपा नेता सुहास शिरसाट (सोर्सः फाइल फोटो)
Suhas Shirsat BJP MLC Ticket: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए औरंगाबाद-जालना निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने सुहास शिरसाट को उम्मीदवार बनाकर मराठवाड़ा की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। यह फैसला केवल एक उम्मीदवार की घोषणा नहीं, बल्कि भाजपा की संगठनात्मक प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति को भी दर्शाता है।
सरपंच पद से शुरू किया राजनीतिक सफर
सुहास शिरसाट का राजनीतिक सफर गांव स्तर की राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने सरपंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में अपनी पहचान बनाई। कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क, संगठन विस्तार और पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका ने उन्हें नेतृत्व की नजर में महत्वपूर्ण बनाया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने शिरसाट को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में जमीनी स्तर पर वर्षों तक काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आज भी सम्मान और अवसर मिल सकता है। हाल ही के स्थानीय निकाय चुनावों में औरंगाबाद व जालना जिलों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन ने भी संगठन को मजबूत आधार दिया है।
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गोरंट्याल की उम्मीदों पर फिलहाल विराम
दूसरी ओर, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए जालना के पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल का नाम भी विधान परिषद की दौड़ में प्रमुखता से लिया जा रहा था। उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें मौका दे सकती है, लेकिन भाजपा ने संगठननिष्ठ नेता शिरसाट को प्राथमिकता देकर अलग संकेत दिया है।
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मराठवाड़ा की राजनीति में बढ़ेगा शिरसाट का कद
उम्मीदवार चयन को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के प्रभाव और विभिन्न गुटों की राजनीतिक गणित पर भी चर्चा थी। हालांकि अंतिम निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा नेतृत्व गुटीय समीकरणों से ऊपर उठकर संगठन और राजनीतिक संदेश को प्राथमिकता दे रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, शिरसाट की उम्मीदवारी से जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और संगठन को मजबूती मिलेगी। भाजपा पार्टी ने इस फैसले के जरिए यह भी स्पष्ट किया है कि केवल राजनीतिक वजन या हालिया पार्टी प्रवेश के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा। सुहास शिरसाट की उम्मीदवारी से उनका राजनीतिक कद बढ़ना तय माना जा रहा है और आने वाले समय में मराठवाड़ा की राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
