29 महानगरपालिकाओं में सत्ता की तस्वीर तय करेगा आरक्षण ड्रॉ, मेयर रेस को मिलेगी रफ्तार

Mayor Reservation Draw: राज्य की महानगरपालिकाओं में महापौर पद को लेकर सस्पेंस गुरुवार को खत्म होगा। 22 जनवरी को मुंबई में आरक्षण ड्रॉ निकाला जाएगा, जिससे सत्ता गठन की प्रक्रिया तेज होगी।
The reservation draw will determine the power structure in 29 municipal corporations, giving a boost to the mayoral race.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Maharashtra Municipal Corporations: छत्रपति संभाजीनगर राज्य की महानगरपालिकाओं में महापौर पद को लेकर बना लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस गुरुवार को समाप्त होने जा रहा है। नगर विकास विभाग ने महापौर पद के आरक्षण का ड्रॉ निकालने का निर्णय लिया है।

यह ड्रॉ 22 तारीख को सुबह 11 बजे मुंबई स्थित मंत्रालय में नगर विकास राज्यमंत्री की अध्यक्षता में निकाला जाएगा। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन चुनाव से पहले महापौर पद का आरक्षण घोषित नहीं होने के कारण अब तक महापौर चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी।

अब आरक्षण स्पष्ट होते ही सभी महानगरपालिकाओं में महापौर चुनाव और सत्ता गठन की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। नई ड्रॉ प्रणाली के तहत आरक्षण तय किए जाने की संभावना के कारण राजनीतिक दलों की उत्सुकता और बढ़ गई है। आरक्षण ड्रॉ के बाद राज्य की शहरी राजनीति की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद उम्मीद जताई जा रही है।

आरक्षण स्पष्ट होते ही मनपा में सत्ता गठन की प्रक्रिया होगी तेज

नगर विकास विभाग द्वारा गुरुवार को आरक्षण ड्रॉ निकाले जाने के निर्णय के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यह ड्रॉ तय करेगा कि शहर में महापौर पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा और उसी के आधार पर सत्ता की रणनीति बनेगी।

महानगरपालिका चुनाव संपन्न हुए कुछ ही समय बीत चुका है, लेकिन महापौर पद का आरक्षण घोषित न होने से सत्ता गठन की प्रक्रिया अटकी हुई थी।

अब आरक्षण स्पष्ट होते ही महापौर चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। इससे यह भी तय होगा कि किस राजनीतिक दल की दावेदारी मजबूत होगी और कौन से समीकरण बन सकते हैं।

इस वर्ष नगरसेवक पद के आरक्षण में नई ड्रॉ प्रणाली लागू की गई थी। उसी प्रणाली के तहत यदि महापौर पद का आरक्षण तय

किया गया, तो छत्रपति संभाजीनगर में कई राजनीतिक दलों की उम्मीदें और दाव बदल सकते हैं। खासकर प्रमुख दलों की रणनीति आरक्षण पर निर्भर मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार महापौर पद का आरक्षण स्पष्ट होते ही न केवल सत्ता गठन की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि शहर की आगामी प्रशासनिक दिशा भी तय होगी।

ऐसे में गुरुवार को होने वाला आरक्षण ड्रॉ छत्रपति संभाजीनगर को राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

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