संभाजीनगर में स्वास्थ्य परियोजना अधूरी, 400 बेड अस्पताल का काम रुका; विधान परिषद में उठा फंड का मुद्दा
GMCH Ghati Hospital: संभाजीनगर में बन रहे 400 बेड के महिला एवं नवजात शिशु अस्पताल का निर्माण धन के अभाव में अधूरा है। विधायक चव्हाण ने विधान परिषद में 78 करोड़ रुपए की अतिरिक्त निधि देने की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar Hospital( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Hospital: छत्रपति संभाजीनगर शहर में जालना रोड स्थित दूध डेयरी परिसर में बन रहे 400 बेड के अत्याधुनिक महिला एवं नवजात शिशु अस्पताल के शेष निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ रुपए की अतिरिक्त निधि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग विधायक सतीश चव्हाण ने सोमवार को विधान परिषद में की।
उन्होंने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (घाटी) के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग पर अत्यधिक भार है। इसी कारण वर्ष 2013 में सरकार ने 400 बेड के स्वतंत्र महिला एवं नवजात शिशु अस्पताल की स्थापना को मंजूरी दी थी।
इस परियोजना के लिए प्रारंभ में 111 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 189 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसके बावजूद 78 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि अब तक प्राप्त नहीं होने के कारण अस्पताल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
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कहा-एक वर्ष पूर्व ही शासन को भेजा गया था प्रस्ताव
विधायक चव्हाण ने कहा कि शेष निर्माण, विद्युत व्यवस्था और चिकित्सा उपकरणों की खरीद जैसे महत्वपूर्ण कार्य इसी निधि पर निर्भर है। यदि यह राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाती है, तो अस्पताल का निर्माण पूर्ण होकर इसे जल्द ही शुरू किया जा सकता है।
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उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित विभाग ने अतिरिक्त निधि के लिए एक वर्ष पूर्व ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विधायक सतीश चव्हाण ने सरकार से मांग की कि शहर की महिलाओं और नवजात शिशुओं की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए 78 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि तुरंत स्वीकृत की जाए।
