अतिक्रमण हटाने के निर्देश, खाम नदी के पुनर्जीवन को रफ्तार; संभाजीनगर मनपा ने शुरू की सख्त कार्रवाई

Sambhajinagar River Rejuvenation Project: संभाजीनगर की जीवनरेखा खाम नदी के पुनर्जीवन के लिए मनपा ने कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त जी. श्रीकांत ने निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
Directives Issued to Remove Encroachments, River Kham Revitalization Gains Momentum; Sambhajinagar Municipal Corporation Initiates Strict Action
Sambhajinagar Municipal Corporation Action( Source: Social Media )
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Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Action: छत्रपति संभाजीनगर शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली खाम नदी के पुनर्जीवन को लेकर महानगरपालिका प्रशासन ने अब निर्णायक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

इसी कड़ी में सोमवार को मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने संबंधित अधिकारियों के साथ नदीपात्र का विस्तृत निरीक्षण किया और कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ अवैध अतिक्रमणों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे में अतिरिक्त आयुक्त संतोष वाहुले, उपायुक्त तथा घनकचरा प्रबंधन विभाग प्रमुख नंदकिशोर भोंबे, खाम नदी पुनर्जीवन परियोजना के ओएसडी असदुल्ला खान और 'इको सत्व' संस्था के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

दौरे के दौरान आयुक्त ने नदी के संपूर्ण कायाकल्प के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को स्यष्ट निर्देश दिए कि सभी काम समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

आयुक्त ने विशेष रूप से नदी के सीमांकन पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्य प्राथमिकता से किया जाए, ताकि भविष्य में अतिक्रमण रोका जा सके और नदी का प्रवाह सुरक्षित रहे। उन्होंने बारापुल्ला दरवाजे से हरसूल तालाब तक लगभग 6.5 किलोमीटर लंबे हिस्से में नदी का गहरीकरण, चौड़ीकरण कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ऐतिहासिक विरासत के साथ हो रहा गंभीर अन्याय

निरीक्षण के दौरान ऐतिहासिक महत्व वाले बारापुल्ला गेट की वर्तमान स्थिति को देखकर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक समय 12 पुलों के लिए प्रसिद्ध यह संरचना अब अतिक्रमण के कारण सिमटकर केवल 10 पुलों तक रह गई है, जो शहर की विरासत के साथ गंभीर अन्याय है, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फसील (संरक्षण दीवार) के बाहर और नदीपात्र में किए गए अवैध निर्माण नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित कर रहे हैं।

जिसके कारण बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आयुक्त जी. श्रीकांत ने अतिरिक्त आयुक्त संतोष वाहुले के नेतृत्व में अतिक्रमण विभाग को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

शहर के पर्यावरण से जुड़ा विशेष अभियान

दौरे के दौरान बारापुल्ला गेट के पास स्थित एक सार्वजनिक शौचालय का उपयोग स्टोर रूम के रूप में किए जाने पर भी आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल उस स्थान को खाली कराकर आम नागरिकों के उपयोग के लिए पुनः शुरू करने के निर्देश दिए।

आयुक्त जी. श्रीकांत ने यह भी कहा कि खाम नदी का पुनर्जीवन केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शहर के पर्यावरण और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटा जा सके और शहरवासियों को राहत मिल सके।

उन्होंने अंत में विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें, तो खाम नदी को एक समस्या से निकालकर शहर की गौरवशाली धरोहर के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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