Sambhajinagar Municipal Schools ( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Schools: छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका की स्कूलों में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। कई स्कूलों में छात्रों की सही संख्या तक मुख्याध्यापकों को पता नहीं होने का मामला सामने आया है।
वहीं, कम छात्र संख्या के बावजूद हर महीने लाखों रुपये खर्च होने से स्थायी समिति ने कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, मनपा स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों से स्कूलों की स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान कुछ स्कूलों के मुख्याध्यापक अपने ही विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की सटीक संख्या नहीं बता सके। इस पर मकरिये ने कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों के पास बुनियादी जानकारी का अभाव बेहद गंभीर मामला है।
बैठक में यह भी सामने आया कि मनपा की लगभग 50 स्कूलों में से 10 से 12 स्कूलों में छात्रों की संख्या बेहद कम है। इसके बावजूद इन स्कूलों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे मनपा की आर्थिक स्थिति पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है।
कुछ स्कूलों में तो मासिक खर्च करीब 5 लाख रुपये तक पहुंचने की जानकारी दी गई इस स्थिति को देखते हुए कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की उपयोगिता पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताई गई।
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साथ ही, निष्क्रिय हो रही स्कूल इमारतों को निजी संस्थाओं को संचालन के लिए देने का विकल्प भी प्रशासन स्तर पर विचाराधीन बताया गया बैठक में यह भी चर्चा हुई कि शिक्षा व्यवस्था में इन खामियों के कारण मनपा स्कूलों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द सटीक आंकड़े एकत्रित कर प्रबंधन व्यवस्था में सुधार लाग।