मराठवाड़ा के नए ‘कप्तान’ बने जी. श्रीकांत, पदभार संभालते ही एक्शन मोड में संभागायुक्त, विकास और ई-ऑफिस पर जोर
G. Sreekanth Takes Charge: जी. श्रीकांत ने छत्रपति संभाजीनगर के नए विभागीय आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने विकास और प्रशासनिक कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता देने की बात कही।
- Written By: आकाश मसने
जी. श्रीकांत का स्वागत करते विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Commissioner G. Sreekanth: मराठवाडा संभाग के नूतन विभागीय आयुक्त के रूप में जी. श्रीकांत ने शुक्रवार को विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पापलकर ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान छत्रपति संभाजीनगर के कलेक्टर विनय गौड़ा जीसी, अपर आयुक्त खुशालसिंह परदेशी, अपर आयुक्त प्रताप काले, अपर आयुक्त डॉ. अनंत गव्हाणे, अपर आयुक्त दादासाहेब वानखेडे, अपर आयुक्त सुषमा देसाई, अपर आयुक्त मंजुषा मिसकर, सह आयुक्त राजेश काटकर, सहायक आयुक्त मंजुषा कापसे, सह आयुक्त देविदास टेकाले, उपायुक्त सविता हरकर, महानगर नियोजनकार हर्षल बाविसकर, उप महानगर नियोजनकार रविंद्र जायभाये, सहायक आयुक्त शुभांगी आंधले तथा उप मुख्य लेखाधिकारी साधना बांगर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जी. श्रीकांत ने पदभार संभालते ही ली बैठक
पदभार संभालने के बाद विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर मराठवाड़ा क्षेत्र की कृषि स्थिति, जल संकट, सामाजिक विषयों तथा प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि यह संभाग सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण योजनाओं और रोजगारोन्मुख पहल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही संभाग को सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ाकर राज्य में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासनिक कार्यों में नवाचार को करेंगे प्रोत्साहित
जी. श्रीकांत ने बताया कि प्रशासनिक कार्यों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा तकनीक के अधिकतम उपयोग के साथ ई-ऑफिस प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावी प्रशासन के लिए विभागों के बीच आंतरिक समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
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कौन हैं जी. श्रीकांत?
उल्लेखनीय है कि जी. श्रीकांत वर्ष 2009 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने अपना परिवीक्षा काल परभणी में पूरा किया। इसके बाद किनवट में सहायक जिलाधिकारी के रूप में उनकी पहली नियुक्ति हुई। उन्होंने नांदेड-वाघाला महानगरपालिका आयुक्त, सातारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अकोला और लातूर के जिलाधिकारी, जीएसटी विभाग में सह आयुक्त तथा छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
