चौतरफा घिरी महायुति सरकार, मराठा संगठन के बाद अब किसान संगठनों ने किया आंदोलन का ऐलान
Chhatrapati Sambhaji Nagar News: सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: चुनाव के बाद सरकार चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को भूल गई है। इसी के मद्देनजर किसान संगठनों की संघर्ष समिति ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि किसानों की कर्जमाफी और किसान मुद्दों पर राज्यव्यापी आंदोलन करने की योजना का नियोजन किया गया है।
सरकार लोकसभा व विधानसभा चुनावों के दौरान घोषणापत्र में किए गए वादों को भूल गई है। सरकार किसानों की कर्जमाफी व एमएसपी पर 20 प्रतिशत गारंटी मूल्य पर फैसला लेने में देरी कर रही है। इसका किसान और उसके परिवार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।किसान को न्याय दिलाने के लिए, किसान संगठनों की संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय किसान अधिकार सभा हाल ही में सूबेदारी विश्राम गृह में आयोजित की गई।
इसमें किसान न्याय के अनुरूप संगठनों की प्रगति पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।इसके बाद संगठनों के पदाधिकारियों ने मीडिया से बातचीत कर आगे की रणनीति की जानकारी दी।बैठक में किसानों के न्याय की लड़ाई को बड़े निर्णयों के साथ व व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई मेट्रो 2B का स्टील स्ट्राइक, 70 टन का पहला सेगमेंट फिट, बांद्रा के केबल-स्टे ब्रिज पर निर्माण की शुरुआत
AI में महाराष्ट्र बनेगा नंबर-1, महा AI से प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी उपयोग बढ़ाने की चल रही तैयारी
छात्रों पर दमन बंद हो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो… हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने जमकर जताया विरोध
महाराष्ट्र को 2030 तक No.1 बनाने की तैयारी, सह्याद्री में CM देवेंद्र फडणवीस ने ली वॉर रूम समीक्षा बैठक
इनकी रही मुख्य रूप से उपस्थिति
बैठक में विजय जावंधिया, बच्चू कडू, महादेव जानकर, डॉ अजीत नवले, कैलाश पाटील, अनिल घनावत, प्रकाश पोहरे, विठ्ठल राजे पवार, प्रशांत डिक्कर, विजय कुंभार, काशीनाथ जाधव व अन्य किसान संगठन नेता उपस्थित थे।राजू शेट्टी और राजेश टोपे भी ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।
ये भी पढ़ें :- सेविंग ग्रुप्स से हो रहा महिला सशक्तिकरण, जिला परिषद मैदान ने डॉ कराड़ ने भरी हुंकार
बैठक में निर्णय लिया गया कि, 28 अक्टूबर, 2025 को मुंबई में किसान मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।इसके लिए राज्य में विभागवार संयुक्त सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कृषि संबंधी मुद्दों पर अध्ययन के लिए एक अध्ययन दल बनाया जाएगा। इसी कड़ी में किसान-खेतिहर मजदूर अधिकार संघर्ष समिति का गठन किया गया है.
