डीजे प्रतिबंध( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar DJ Controversy: छत्रपति संभाजीनगर पालक मंत्री संजय शिरसाट ने डीजे के तेज और कर्कश आवाज से महापुरुषों का सम्मान नहीं बढ़ता, बल्कि लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव व शिव जयंती के दौरान शहर ने डीजे मुक्ति का आदर्श स्थापित किया है व अन्य जिले भी उसका अनुकरण कर रहे हैं।
ठीक इसी तरह आदर्श कायम रखने की अपील उन्होंने आयोजकों से की। संत एकनाथ नाट्यगृह में शनिवार को आयोजित समन्वय समिति बैठक में उन्होंने डीजे प्रतिबंध का समर्थन कर उत्सव को संयम व अनुशासित तरीके से मनाने की अपील की।
बैठक में कई आंबेडकर अनुयायियों ने कहा कि डीजे पहले से बुक किए जा चुके हैं। पारंपरिक वाद्ययंत्र उपलब्ध नहीं होने से प्रतिबंध में ढील दी जाए। इस पर शिरसाट ने कहा कि उत्सव का आनंद महत्वपूर्ण है, पर दूसरों के स्वास्थ्य को भी देखना चाहिए। पालक मंत्री ने अवैध शराब का कारोबार पर कहा कि समाज में नए ‘डॉन’ पैदा कर रहा है। ऐसी गतिविधियों पर मकोका के तहत कार्रवाई हो।
महापौर समीर राजूरकर ने अनधिकृत पौस्टर हटाने के दौरान एक कर्मी की मौत का जिक्र करते हुए इस वर्ष बैनरबाजी पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। भड़कल गेट क्षेत्र में पानी, मोबाइल टॉयलेट व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा भी उन्होंने किया।
शहर में अवैध शराब बिक्री के बढ़ते मामलों को लेकर पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने पुलिस निरीक्षको पर नाराजगी जाहिर करते हुए कही फटकार लगाई, नागरिकों के अवैध शराब के अड्डों को तुरंत बंद करने की मांग करने के बाद सीपी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली गोलियों व अन्य दवाओं पर कार्रवाई कर कई मामलों का खुलासा किया गया है।
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अवैध देसी शराब पर कार्रवाई करना कोई बड़ी बात नहीं, बल्कि यह पुलिस की बुनियादी जिम्मेदारी है। फिर भी इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है।
सीपी पवार ने कहा कि पिछले वर्ष जयंती के बाद करीब 2,074 नागरिकों को सुनने से संबंधित समस्याओ का सामना करना पड़ा। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कुछ आरोपियों को पूछताछ के दौरान कुछ समय तक सुनाई नहीं दे रहा था, बाद में उनकी सुनने की क्षमता सामान्य हुई उन्होंने सभी से कानून का पालन करते हुए डीजे प्रतिबंध का पालन करने की अपील की।