छत्रपति संभाजीनगर: रिश्वत मामले में पकड़े गए अभियंता को पदोन्नति, मनपा पर उठे सवाल
Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में 3 लाख रिश्वत मामले में पकड़े गए शाखा अभियंता को पदोन्नति देकर उसी विभाग में नियुक्त करने पर विवाद, शिकायतकर्ता ने आदेश रद्द करने की मांग की।
- Written By: रूपम सिंह
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation (सोर्स - सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Corruption: छत्रपति संभाजीनगर नगररचना विभाग में 3 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े गए शाखा अभियंता को अभियोजन चलाने की अनुमति न देने के बाद मनपा प्रशासन के पदोन्नति देकर उसी विभाग में नियुक्त करने से बखेड़ा खड़ा हो गया है। इस फैसले के विरोध में शिकायतकर्ता अशफाक खान ने महापौर व मनपा आयुक्त को ज्ञापन देकर संबंधित नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग की है।
मामले से मुख्यमंत्री व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। खान ने हाल ही में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव, महापौर व मनपा आयुक्त को सौंप ज्ञापन में कहा कि संबंधित शाखा अभियंता को 29 अप्रैल 2022 को पंचों की मौजूदगी में 3 लाख रुपये की घूस लेते समय भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने रंगेहाथ दबोचा था।
मामले में सातारा पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग, रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के महानिदेशक ने अभियोजन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त की ओर से यह अनुमति नहीं दी गई, जांच के बाद सरकार की ओर से 9 फरवरी 2026 को न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है।
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- संवेदनशील मामलों में प्रमोशन रोका जाए
1 अगस्त 2019 के शासन निर्णय के अनुसार रिश्वतखोरी या गंभीर अनुशासनात्मक मामलों में जांच लंबित रहने के दौरान संबंधित अधिकारी की पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाना अनिवार्य है। - अंतिम निर्णय आने तक ऐसे अधिकारियों को पदोन्नति या संवेदनशील पद पर नियुक्ति नहीं दी जानी चाहिए।
- शिकायतकर्ता ने शासन के इसी निर्णय का हवाला देते हुए संबंधित अधिकारी की पदोन्नति व नियुक्ति तत्काल रद्द करने,
- इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
