रेत परिवहन पर कार्रवाई न करने के लिए मांगी थी रिश्वत; अंबड़ के तहसीलदार को बीड़ ACB ने संभाजीनगर में दबोचा
Jalna Bribery Case: जालना जिले के अंबड़ तहसीलदार विजय चव्हाण को रेत उत्खनन मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले 6.40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया।
- Written By: रूपम सिंह
अंबड़ तहसीलदार, रिश्वत मामला, (सोर्स: सौजन्य AI)
Jalna Corruption Case News: छत्रपति संभाजीनगर रेत उत्खनन व परिवहन पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 6 लाख, 40,000 रुपये की घूस लेते समय जालना जिले के अंबड़ के तहसीलदार विजय लक्ष्मण चव्हाण (47) को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के बीड़ के दल ने शनिवार शाम रंगेहाथ दबोच लिया। शहर के कासलीवाल मार्वल सोसायटी क्षेत्र में की गई कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रकरण में सातारा पुलिस थाने में देर रात तक केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।
हत्थे चढ़ा तहसीलदार विजय चव्हाण पहले पुलिस महकमे में बतौर उपनिरीक्षक पद पर कार्यरत था। बाद में उसने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग अर्थात एमपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर राजस्व विभाग में प्रवेश किया। छत्रपति संभाजीनगर में अपर तहसीलदार के रूप में कार्य करते समय वर्ष 2024 में कथित अनियमितताओं के आरोपों के चलते उन्हें निलंबित किया गया था। तदुपरांत उनकी नियुक्ति अंबड़ में की गई थी।
मोबाइल, घड़ी व आभूषण भी जब्त
एसीबी के अनुसार, 36 वर्षीय शिकायतकर्ता ने 26 मई को शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल हो रही पोकलेन मशीन पर कार्रवाई न करने के लिए आठ दिनों की अवधि के बदले 12 लाख रुपये घूस मांगी गई थी। यही नहीं, इसमें से 8 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे।
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शेष राशि के अलावा 6 हाईवा टिप्परों से रेत परिवहन की अनुमति देने के लिए भी अलग से राशि मांगी गई थी शिकायत की जांच व सत्यापन के दौरान पता चला कि तहसीलदार चव्हाण ने पोकलेन मशीन के लिए 4 लाख रुपये व 6 हाईवा टिप्परों के लिए प्रति वाहन 40,000 रुपये के हिसाब से कुल 6 लाख, 40,000 रुपये की घूस स्वीकार करने पर सहमति जताई थी।
