निकाय चुनाव टालने पर भड़के CM फडणवीस, बोले- आयोग ने कानून की गलत व्याख्या की
Devendra Fadnavis Reaction: CM देवेंद्र फडणवीस ने कुछ क्षेत्रों में स्थानीय निकाय चुनाव टालने के चुनाव आयोग के फैसले को कानून की गलत व्याख्या बताया। उन्होंने कहा कि सरकार यह मामला आयोग के सामने रखेगी।
- Written By: आकाश मसने
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis Reaction On Local Body Elections Postponed: छत्रपति संभाजीनगर के दौरे पर आए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य चुनाव आयोग के महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर स्थानीय निकाय चुनाव टालने के फैसले पर सोमवार सुबह कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आयोग का यह फैसला कानून की गलत व्याख्या पर आधारित है और यह पूरी तरह से गलत है। सीएम फडणवीस ने घोषणा की है कि सरकार इस फैसले को आयोग के सामने रखेगी और इसकी कानूनी गलती स्पष्ट करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आयोग ने कानून की गलत व्याख्या करके यह फैसला लिया है, जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से ईमानदार उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है।
सीएम ने चुनाव आयोग से पूछा सवाल
सीएम फडणवीस ने वोटिंग से कुछ घंटे पहले चुनाव टालने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ऐसा कौन सा नियम है कि सिर्फ इसलिए चुनाव रोक दिए जाएं क्योंकि कोई व्यक्ति कोर्ट चला गया है? ऐसा राज्य या देश में पहले कभी नहीं हुआ है।
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उन्होंने इस बात पर संदेह व्यक्त किया कि चुनाव आयोग कौन सा अलग कानून पढ़ रहा है या किससे सलाह ले रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कानून देखा है और वकीलों से भी चर्चा की है। सबकी राय यही है कि सिर्फ इसलिए चुनाव टाले नहीं जा सकते क्योंकि कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
फडणवीस ने माना कि चुनाव आयोग ऑटोनॉमस (स्वायत्त) है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला साफ तौर पर गलत है। उन्होंने उम्मीदवारों की मेहनत पर चिंता जताते हुए कहा कि आज चुनाव टालना, जबकि कल वोटिंग थी, उनकी मेहनत को बर्बाद करने जैसा है। अब उन्हें और 15-20 दिन प्रचार करना होगा।
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आगे की कार्रवाई बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले को चुनाव आयोग के सामने रखेगी। सरकार यह साफ करने की कोशिश करेगी कि यह फैसला कानूनी तौर पर गलत है।
शाहजी बापू पाटिल ऑफिस पर छापे की जानकारी नहीं
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे गुट के पूर्व विधायक शाहजी बापू पाटिल के ऑफिस पर देर रात फ्लाइंग स्क्वॉड के छापे के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि कार्रवाई पार्टी देखकर नहीं की जाती।
उन्होंने कहा कि सत्ता में हों या न हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि छापा मारा जाता है या नहीं। सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर हमारे कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि उनकी कार की भी चेकिंग की जाती है, इसलिए इस मामले में रूलिंग पार्टी या विपक्ष जैसी कोई बात नहीं है।
