छत्रपति संभाजीनगर में पानी के लिए मचा त्राहिमाम! कांग्रेस का प्रशासन को अल्टीमेटम, बड़े जनआंदोलन की दी चेतावनी
Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर में जल संकट और नई जलापूर्ति योजना में देरी के विरोध में कांग्रेस ने एमजेपी का घेराव किया। 7 सूत्रीय मांगों के साथ दी बड़े आंदोलन की चेतावनी।
- Written By: आकाश मसने
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपते संभाजीनगर कांग्रेस के पदाधिकारी (फोटो नवभारत)
Congress Protest Over Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर की नई जलापूर्ति योजना में लगातार हो रही देरी और बढ़ते जल संकट को लेकर शहर जिला कांग्रेस समिति ने सोमवार को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) के समक्ष मोर्चा खोल दिया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एड. सैयद अकरम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एमजेपी अधिकारियों को सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो कांग्रेस नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करेगी।
अमृत-2 योजना की कछुआ चाल से जनता परेशान
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमृत-2 योजना के अंतर्गत चल रही नई जलापूर्ति परियोजना का कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। शहर के सातारा-देवलाई, पुंडलिकनगर, जयभवानी नगर, विजयनगर, चिकलथाना, हिनानगर, राजनगर, नक्षत्रवाड़ी, कांचनवाड़ी, हर्सूल सहित अनेक क्षेत्रों तथा नो-नेटवर्क जोन में आज भी नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण हजारों परिवारों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक तथा मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल
कांग्रेस की प्रमुख 7 मांगें
- डेडलाइन घोषित हो: छत्रपति संभाजीनगर के सभी जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति कब शुरू होगी, इसकी आधिकारिक तिथि घोषित की जाए।
- प्रगति रिपोर्ट जारी हो: प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रवार कार्य की समय-सीमा सार्वजनिक हो।
- संयुक्त बैठक की मांग: महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP), छत्रपति संभाजीनगर मनपा और ठेकेदार की साझा बैठक बुलाकर ठोस एक्शन प्लान बने।
- टैंकरों में पंप व्यवस्था: परियोजना पूरी होने तक पर्याप्त और पारदर्शी टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बिना पंप वाले टैंकरों के स्थान पर पंपयुक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएं।
- लापरवाही पर कार्रवाई: परियोजना में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
- लीकेज पर लगाम: पाइपलाइन लीकेज रोकने के लिए तुरंत विशेष अभियान चलाया जाए।
- लो-प्रेशर समस्या का समाधान: जिन क्षेत्रों में कम दबाव से पानी आ रहा है, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
छत्रपति संभाजीनगर जल संकट पर क्या बोले कांग्रेस नेता
छत्रपति संभाजीनगर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एड. सैयद अकरम ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। प्रशासनिक अव्यवस्था और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति के कारण आम जनता को परेशान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप कर परियोजना समय पर पूरी नहीं कराई और शहर को नियमित, स्वच्छ तथा पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया, तो कांग्रेस व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
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छत्रपति संभाजीनगर शहर जिला कांग्रेस समिति के महासचिव इंजीनियर विशाल बंसवाल ने कहा कि पानी जैसे बुनियादी मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। जलापूर्ति का समय-सारणी सार्वजनिक की जाए, पाइपलाइन में होने वाली लीकेज रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा जिन क्षेत्रों में कम दबाव से पानी पहुंच रहा है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
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इस अवसर पर गुलाब पटेल, रामभाऊ लोखंडे, ऋषिकेश महाजन, मोहम्मद जाकेर, उमाकांत खोतकर, मोईन कुरैशी, योगेश थोरात, हकीम पटेल, साहेबराव बनकर, नदीम सौदागर, संजय धर्मरक्षक, अभिषेक शिंदे, प्रकाश जगधने, सृजन गावड़े, नदीम पटेल सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
-नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
