प्रभाग 18 में शिरसाट परिवार का दबदबा, हर्षदा शिरसाट विजयी, भाजपा उम्मीदवार को करारी हर
Ward 18 Results: छत्रपति संभाजीनगर मनपा चुनाव में प्रभाग 18 से पालकमंत्री संजय शिरसाट की पुत्री हर्षदा शिरसाट ने जीत दर्ज की। शिवसेना (शिंदे गुट) ने चारों सीटों पर क्लीन स्वीप किया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Municipal Election: छत्रपति संभाजीनगर स्थानीय महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 18 से जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट की पुत्री हर्षदा शिरसाट (शिवसेना-शिंदे गुट) ने जीत दर्ज की है।
उनके साथ प्रभाग के शिवसेना के सभी चारों उम्मीदवार विजयी घोषित हुए हैं। पालकमंत्री शिरसाट की बेटी के चलते यह प्रभाग काफी प्रतिष्ठ का बना था। उनके खिलाफ भाजपा ने मयुरी बरथुने को उम्मीदवारी दी थी।
इसमें करीब 1 हजार से अधिक वोटों से हर्षदा शिरसाट ने मात दी। वहीं, प्रभाग के अन्य तीन उम्मीदवार 700 से 1 हजार फर्क से जिते। इस प्रभाग में भाजपा अपना खाता नहीं खोल पायी।
सम्बंधित ख़बरें
देश में 12 हजार स्कूल बंद, 40% छात्र छोड़ रहे पढ़ाई, विजय वडेट्टीवार ने शिक्षा नीति पर उठाए सवाल
नासिक में बार-बार क्यों हिल रही ज़मीन? वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम
महाराष्ट्र में लागू होगी सुपर 100 योजना: हर जिले के मेधावी छात्रों को मिलेगी JEE-NEET की फ्री कोचिंग
गूंगी गुड़िया बयान पर नासिक में बवाल: NCP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हर्षवर्धन सपकाल से सार्वजनिक माफी की मांग
विशेषकर, बेटी हर्षदा शिरसाट के साथ ही बेटा सिद्धांत शिरसाट ने भी जीत हासिल की। इन दोनों के जीत के बाद यह साफ हो चुका है कि पालकमंत्री ने बेटा और बेटी विजयी हुए।
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षदा शिरसाट ने कहा कि पालकमंत्री की बेटी होने के कारण उनके खिलाफ अनावश्यक आरोप लगाए गए, लेकिन शिवसैनिकों ने उनके साथ मजबूती से खड़े रहकर तन-मन से चुनावी काम किया।
मेहनत का मिला परिणाम
यह जीत शिवसैनिकों की मेहनत का परिणाम है। प्रभाग 18 से शिवसेना के जिन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, उनमें हर्षदा शिरसाट के साथ अभिजीत जीवनवाल, राजू राजपूत और छाया वाघचौरे शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:-मराठवाड़ा मनपा चुनाव 3 शहरों में BJP, लातूर में कांग्रेस, परभणी में UBT का दबदबा; बदले सियासी समीकरण
महापौर पद को लेकर पूछे गए सवाल पर हर्षदा शिरसाट ने कहा कि अभी महापौर पद का आरक्षण घोषित नहीं हुआ है इसलिए इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, भविष्य में आरक्षण और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
