छत्रपति संभाजीनगर की नगरसेविका श्वेता त्रिवेदी (फोटो नवभारत)
Shweta Sumit Trivedi On Property Tax Hike Proposal: छत्रपति संभाजीनगर शहर में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। सोमवार को आयोजित स्थायी समिति की बैठक में नगरसेविका श्वेता सुमित त्रिवेदी ने प्रशासन के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए आम जनता का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब शहर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो नागरिकों पर महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त कर का बोझ डालना सरासर गलत है।
बैठक के दौरान श्वेता त्रिवेदी ने प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि आज शहर की सड़कों की हालत जर्जर है, ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सफाई व्यवस्था का स्तर लगातार गिर रहा है। सबसे गंभीर समस्या पानी की आपूर्ति को लेकर है। उन्होंने कहा कि ऐसे में नागरिकों से अधिक टैक्स वसूलने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक पहले से ही महंगाई और विभिन्न आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में कर बढ़ाना लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ साबित होगा।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा की नगरसेविका श्वेता सुमित त्रिवेदी ने पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों को दी जाने वाली कर छूट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अभी उन्हें कुछ करों में छूट दी जाती है, लेकिन पानी के बिल में राहत नहीं मिलती। देश के लिए योगदान देने वालों को पानी बिल सहित सभी करों में विशेष छूट दी जानी चाहिए।
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श्वेता त्रिवेदी ने यह भी सवाल उठाया कि सफाई कर, अग्निशमन कर और जल निकासी कर नागरिकों से नियमित रूप से वसूले जाते हैं, लेकिन इन सेवाओं का स्तर अपेक्षित नहीं है। उन्होंने मांग की कि कर बढ़ाने से पहले शहर में सुविधाओं में सुधार किया जाए। साथ ही गरीब और मध्यम वर्ग के लिए विशेष राहत योजना, वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने तथा कर वसूली और खर्च में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट