नागपुर: बेला बस स्टैंड पर गंदगी का अंबार, दूषित हो रहा गांव का तालाब, प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीण परेशान
Bela Bus Stand Garbage Problem: नागपुर जिले के बेला बस स्टैंड पर भारी गंदगी फैली है और अब गांव का मुख्य तालाब भी दूषित हो रहा है, कूड़े के ढेर और जल प्रदूषण से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
बेला के तालाब के पास लगी कुर्सियों के आस पास फैला हुआ कचरा (फोटो नवभारत)
Bela Bus Stand Garbage Issue: नागपुर जिले के बेला स्थित बाजार और बस स्टैंड के आसपास रहने वाले नागरिकों और विक्रेताओं द्वारा गाव के तालाब की पाली पर कचरा और फालतू वस्तुएं फेंकी जा रही हैं। इसके कारण बस स्टैंड का नजारा काफी गंदा हो गया है और वहां स्थित शौचालय हमेशा दुर्गंध से भरे रहते हैं। कचरे के ढेर वहां पड़े रहते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत ने दंडात्मक कारवाई के लिए जो बोर्ड लगाए हैं, उस पर अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं की गई है। इसके परिणामस्वरूप स्वच्छता अभियान का असर पूरी तरह से समाप्त हो गया है और गांव में यह चर्चा का विषय बन गया है।
कचरा तालाब में गिरकर पानी हो रहा प्रदूषित
गांव के तालाब के पास महावितरण की एक डीपी भी है, जिसे घास, झाड़ियों और कचरे से ढक लिया गया है। इसमें ग्रीप के ऊपर कोई कवर नहीं है, जिससे किसी भी समय तेज हवाओं या बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा, तालाब के पास डाला गया कचरा तालाब में गिरकर पानी को प्रदूषित करता है, जिससे पालतू मछलियों का जीवन भी संकट में है। जबकि एक तरफ गांव के तालाब पर बागवानी करके सौंदर्यीकरण किया गया है, वहीं दूसरी तरफ कचरे का ढेर और दुर्गंध फैल रही है।
नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंदगी का असर
पूर्व जिप सदस्य वंदना बालपांडे के निधि से तालाब के पास कुछ बैठने की कुर्सियां रखी गई हैं, जहां सुबह यात्री बैठते हैं और शाम को गांव के वृद्ध नागरिक बैठकर समय बिताते हैं। लेकिन आसपास की गंदगी और मच्छरों के कारण उनका स्वास्थ्य खतरे में है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत गंदगी और दुर्गंध की ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे गांव में असंतोष बढ़ रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
गोवंश तस्करी करने वाले गिरोह पर MCOCA के तहत बड़ी कार्रवाई, सरगना समेत 14 लोगों पर मामला दर्ज
Bullet Train से जुड़ेगा नासिक, बनेगा सुवर्ण त्रिकोण, जापान सरकार के सहयोग से मिलेगी प्रोजेक्ट को रफ्तार
उड़ता महाराष्ट्र नहीं! 25 जून से शुरू होगा ‘नशामुक्त महाराष्ट्र अभियान’, सरकार का एक्शन प्लान तैयार
‘चंदा दो या मंत्री पद छोड़ो!’ पार्थ पवार के अल्टीमेटम से NCP में हड़कंप, महाराष्ट्र में सियासी बवाल
यह भी पढ़ें: जालना में कांग्रेस का ‘सृजन’ या विध्वंस? भरी सभा में जिला अध्यक्ष ने महिला पदाधिकारी पर तानी चप्पल; हुआ हंगामा
आदर्श ग्राम पुरस्कार की उड़ रही धज्जियां
साल 1969 में बेला गांव को आदर्श ग्राम पुरस्कार मिला था, लेकिन आज यहां की गंदगी और दुर्गंध ने इस पुरस्कार की छवि को धूल में मिला दिया है। मुख्य सड़क, बाजार और बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर रोजाना सफाई की आवश्यकता है, ताकि इस गांव की छवि को फिर से सुधारा जा सके। बेला के सरपंच अरुण बालपांडे और उनके कार्यकर्ताओं ने एक साल पहले स्वच्छता अभियान शुरू किया था, लेकिन अब वह अभियान पूरी तरह से गायब हो गया है। नागरिकों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक दिखावा था।
