Sambhajinagar Municipal Corporation( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका को वर्ष 2025-26 के आर्थिक वर्ष में संपत्ति कर, संपत्ति विभाग और नगर रचना विभाग के माध्यम से कुल 450 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है।
महानगरपालिका आयुक्त जी. श्रीकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि संपत्ति कर विभाग से 235 करोड़ रुपये, संपत्ति विभाग से 13.10 करोड़ रुपये तथा नगररचना विभाग से गुंठेवारी, निर्माण कार्य अनुमति और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के माध्यम से 201 करोड़ रुपये की आय हुई है।
प्राप्त महानगरपालिका प्रशासन आयुक्त जी. श्रीकांत के मार्गदर्शन में वर्षभर विशेष अभियान चलाकर कर वसूली पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी आय संभव हो सकी।
मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत के मार्गदर्शन में मनपा प्रशासन ने वर्ष की शुरुआत से ही कर वसूली बढ़ाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए, संपत्ति कर की वसूली के लिए ‘मैत्र कक्ष’ की शुरुआत की गई वसूली कर्मचारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए और उन्हें सीधे क्षेत्र में जाकर कर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जोन कार्यालयों के वसूली अधिकारियों को घर-घर भेजकर नागरिकों से कर वसूली की गई। संपत्ति कर विभाग के उपायुक्त विकास नवाले ने सूक्ष्म नियोजन करते हुए नागरिकों को घर बैठे कर भुगतान की सुविधा देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई, कर वसूली को बढ़ावा देने के लिए जुर्माना राशि पर पहले 90 प्रतिशत और बाद में 75 प्रतिशत की छूट भी लागू की गई। इस योजना से मनपा की तिजोरी में डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त कर राशि जमा हुई।
वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च तक संपत्ति कर और पेयजल कर मिलाकर लगभग 235 करोड़ रुपये की वसूली की गई। कर वसूली को गति देने के लिए बकाया रखने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई भी की गई, इस अभियान के तहत सौ से अधिक व्यावसायिक मालमताओं को सील किया गया, जिससे लगभग 9 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
वर्ष के अंतिम दिनों में अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक कर वसूली की कार्रवाई में जुटे रहे। महानगरपालिका के संपत्ति विभाग ने भी इस वर्ष अच्छी आय दर्ज की।
शहर में मनपा के स्वामित्व वाले 488 गालों का किराया, सभागृहों का किराया तथा लीज पर दी गई जमीनों के किराए से कुल 13.10 करोड़ रुपये की वसूली हुई संपत्ति विभाग की उपायुक्त अपर्णा बेटे और सहायक आयुक्त संजय चामले ने गालों के किरावा करारों का नवीनीकरण कर रेडीरेकनर दर के अनुसार किसया निर्धारित किया।
इस निर्णय से विभाग की आय में बढ़ोतरी हुई। पिछले वर्ष जहां इस विभाग को लगभग 11 करोड़ रुपये की आय हुई थी, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 13.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
इस वर्ष मनपा ने 1314 निर्माण कार्य की अनुमति भी प्रदान की। साथ ही नया नियम लागू किया गया कि कंप्लीशन प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं होगी।
इस नियम के कारण कई निर्माण व्यवसायियों ने लंबित शुल्क जमा कर कंप्लीशन प्रमाणपत्र प्राप्त किए, इससे महानगरपालिका को लगभग 124 करोड़ रुपये की आय हुई।
इन सभी स्रोतों को मिलाकर नगर रचना विभाग ने कुल 201 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय महानगरपालिका को प्रदान की है। प्रशासन का मानना है कि प्रभावी नियोजन, ऑनलाइन सुविधाओं और कड़ी वसूली कार्रवाई के कारण इस वर्ष मनपा की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
उथा महानगरपालिका को सबसे अधिक आय देने वाले नगर रचना विभाग ने इस वर्ष 201 करोड रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। नगर रचना उपसंचालक मनोज गर्गे के मार्गदर्शन में उप नगररचनाकार कौस्तुभ भावे उपअभियंताओं की टीम ने गुंठेवारी से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी।
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वर्षभर में गुंठेवारी की लगभग 9300 फाइल मंजूर की गई, जिससे 77 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई गुंठेवारी के लिए दरों में कमी किए जाने से आम नागरिकों को लाभ मिला और बड़ी संख्या में प्रस्ताव मंजूर हुए।